जामिया में छात्र संघ चुनाव को लेकर आया बड़ा फ़ैसला

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) कार्यालय ने गुरुवार को एक आदेश जारी किया है.

वीडियो छोड़ें और जारी रखें
  • तट से कब टकराएगा चक्रवात अर्नब?
  • चक्रवाती तूफ़ान अर्नब
  • आसमान से निकलते झरने जैसा नज़ारा
  • जेडीयू से निकाले गए अनंत सिंह
  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी
  • ये घटना बहराइच ज़िले की है
  • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
  • जर्मनी में ‘ईगल्स नेस्ट’ नाम की इमारत में 23 अक्तूबर को आग लग गई
  • चक्रवातों के नाम कैसे तय किए जाते हैं?
  • आईफ़ोन डुओ

लाइव कवरेज

संदीप राय,अभिषेक प्रताप सिंह

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अभिषेक प्रताप सिंह को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स परक्लिक करें.

  2. जामिया में छात्र संघ चुनाव को लेकर आया बड़ा फ़ैसला

    जामिया मिल्लिया इस्लमिया की तस्वीर
    इमेज कैप्शन, जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी

    जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) कार्यालय ने गुरुवार को एक आदेश जारी किया है.

    यह आदेश भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों और उनके प्रतिनिधियों की तरफ़ से 29 अक्तूबर 2026 को दिए गए प्रार्थना पत्र पर विचार करने के बाद जारी किया गया है.

    कुलसचिव प्रोफ़ेसर मोहम्मद महताब आलम रिज़वी के हस्ताक्षर वाले इस आदेश में जामिया के कम्पिटेंट अथॉरिटी की ओर से तीन निर्देश दिए गए हैं.

    इसके मुताबिक़ जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ के संविधान को मंज़ूरी देने और उसे लागू करने का काम 15 मई 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा.

    संविधान को मंज़ूरी मिलने के बाद, विश्वविद्यालय लिंगदोह समिति की सिफ़ारिशों और दिशानिर्देशों के मुताबिक़ चुनाव के लिए नोटिफ़िकेशन जारी करेगा.

    ये चुनाव शैक्षणिक सत्र शुरू होने के 6 हफ़्तों के भीतर, यानी 16 जुलाई 2027 से लगभग 6 हफ़्तों के अंदर कराए जाएंगे.

    जामिया मिल्लिया इस्लामिया

    प्रदर्शन के दौरान इसमें शामिल होने को लेकर जारी किए गए सभी कारण बताओ नोटिस ,अनुशासनात्मक कार्रवाई, रस्टिकेशन, सस्पेंशन और कैंपस बैन के आदेश वापस ले लिए जाएंगे.

    इस आदेश में आगे कहा गया है कि, इन फ़ैसलों को देखते हुए प्रदर्शनकारी छात्र अपना प्रदर्शन और भूख हड़ताल तुरंत ख़त्म करेंगे.

  3. चुनाव आयोग से योगेंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पूछे ये 7 सवाल

    प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान योगेंद्र यादव
    इमेज कैप्शन, प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान योगेंद्र यादव

    राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने गुरुवार को दिल्ली के एक प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान चुनाव आयोग के हलफ़नामे को लेकर आयोग के सामने सात सवाल रखे हैं.

    इस प्रेस वार्ता में योगेंद्र यादव के साथ प्रशांत भूषण, अंजलि भारद्वाज और नेहा बोरा भी शामिल हुए.

    योगेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस प्रेस वार्ता में चुनाव आयोग के हलफ़नामे से जुड़े मुद्दे रखे गए. उन्होंने चुनाव आयोग से ये सात सवाल पूछे हैं.

    1.एसआईआर का फ़ैसला किसने लिया?

    2.फ़ॉर्म-6 में चुनाव आयोग ने कैसे बदलाव किया?

    3.ईआरओ की पावर चुनाव आयोग ने दिल्ली के आईटी डिविज़न को क्यों दे दी?

    4.पश्चिम बंगाल में 16 लाख केस किसने और किस आधार पर दायर किए?

    5.'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी' का सॉफ़्टवेयर और प्रोसेस पब्लिक (सार्वजनिक) क्यों नहीं है?

    6.क्या फ़ॉर्म-7 बल्क में फ़ाइल किया जा सकता है?

    7.एसआईआर की फ़ाइनल लिस्ट के बाद भी फ़ॉर्म-8 क्यों और कैसे भरे जा रहे हैं?

    इससे पहले योगेंद्र यादव मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफ़े की मांग के समर्थन में हुए प्रदर्शनों में हिस्सा ले चुके हैं.

  4. अमेरिका से एलएनजी आयात करने को क्यों मजबूर हुआ क़तर?

    होर्मुज़ स्ट्रेट
    इमेज कैप्शन, होर्मुज़ स्ट्रेट (फ़ाइल फ़ोटो)

    कभी दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी निर्यातकों में से एक रहे क़तर ने अमरीका से गैस को लेकर एक बड़ा समझौता किया है.

    ईरान के ख़िलाफ़ जारी युद्ध और होर्मुज़ स्ट्रेट की नाकाबंदी की वजह से क़तर में एलएनजी का घरेलू उत्पादन भारी गिरावट का शिकार हुआ है.

    क़तर ने अमेरिका से गैस आयात करने के लिए 20 साल का एक समझौता किया है.

    क़तर एनर्जी ने लुइसियाना के एक प्लांट से सालाना 30 लाख टन गैस आयात करने के इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

    इसके तहत गैस की डिलीवरी साल 2030 से शुरू होगी.

    विश्लेषकों का कहना है कि इस डील का लंबे समय का होना इस बात का संकेत है कि क़तर का मानना है कि होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर चल रहा संकट अभी जल्द खत्म होने वाला नहीं है.

  5. छत्तीसगढ़ में 400 नेताओं की सुरक्षा कम करेगी सरकार, आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिन्दी के लिए

    छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा
    इमेज कैप्शन, छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा

    छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद ख़त्म होने के सरकार के दावे के बाद राज्य सरकार ने जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा चरणबद्ध तरीक़े से कम करने का अंतिम फ़ैसला किया है.

    राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि इस पर अंतिम निर्णय हो चुका है और चरणबद्ध तरीक़े से सुरक्षा कम की जाएगी.

    इस फ़ैसले के बाद कांग्रेस ने चिंता जताते हुए जल्दबाज़ी न करने की बात कही है.

    बस्तर समेत दूसरे इलाक़ों में माओवादी हिंसा को देखते हुए सरपंच से लेकर सांसद और राजनीतिक दलों से जुड़े क़रीब 400 नेताओं को विशेष सुरक्षा मिली है, जिसमें कम से कम 1500 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं.

    इनमें लगभग 55 नेताओं को ज़ेड और ज़ेड प्लस, 90 को वाई और वाई प्लस, 165 को एक्स और 90 को एक्स-2 श्रेणी की सुरक्षा दी गई है.

    सुरक्षा व्यवस्था को धीरे-धीरे ख़त्म करने की बात कहते हुए राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा, "31 मार्च 2026 की डेडलाइन तय करके एक इंसर्जेंसी समाप्त की गई. समाप्त होने के तुरंत बाद आप सुरक्षा हटा लें, ये न्यायोचित नहीं है. 6 महीने देखा गया. उसी व्यवस्था में सब चले हैं. अब 6 महीने के बाद पूरा हटा देंगे, ये भी संभव नहीं है."

    गृह मंत्री ने आगे बताया, "जो ज़ेड प्लस थे, वो ज़ेड हुए हैं. जो ज़ेड थे, वो वाई प्लस हुए हैं. जो वाई प्लस थे, वो वाई हुए हैं. ऐसे सबका एक ग्रेड कम किया गया है. आने वाले समय में फिर एक ग्रेड कम करेंगे. इस तरह से ग्रेजुअली उसे समाप्त करेंगे."

    दूसरी तरफ़, बस्तर के आदिवासी नेता और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दावा किया कि नक्सलवाद पूरी तरह ख़त्म नहीं हुआ है और कुछ नक्सली दबाव के कारण दूसरे राज्यों में चले गए हैं.

    उन्होंने कहा कि सुरक्षा घटाने से पहले दोबारा आकलन होना चाहिए और अगर सुरक्षा कम की जा रही है, तो सरकार को जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी भी लेनी चाहिए.

  6. एमएलसी चुनाव नतीजे बीजेपी के लिए कितनी बड़ी चिंता? | 29 अक्तूबर 2026 | दिनभर (बीबीसी हिन्दी)

    छोड़िए YouTube पोस्ट
    Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

    पोस्ट YouTube समाप्त

  7. राहुल गांधी ने लोगों से कहा, 'पुलिस के लाठी-डंडों की परवाह ना करें'

    दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की तस्वीर
    इमेज कैप्शन, दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की तस्वीर (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को लोगों से इंडिया गठबंधन के 1 नवंबर को होने वाले 'चलो दिल्ली' मार्च में शामिल होने की अपील की है.

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर राहुल गांधी ने लोगों से कहा कि वे पुलिस और उनकी "लाठियों" की चिंता न करें.

    अपने इस वीडियो में राहुल गांधी ने आगे कहा, "चलो दिल्ली रामलीला मार्च लोकतंत्र को बचाने, वोटों की चोरी रोकने और संविधान की रक्षा करने के लिए है."

    राहुल गांधी ने कहा, "जो लोग नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार से तंग आ चुके हैं और जो भी लोकतंत्र को बचाना और संविधान की रक्षा करना चाहते हैं, मैं उन सभी को इसमें जुड़ने के लिए आमंत्रित करता हूं."

    राहुल गांधी के पोस्ट को टैग करते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "चाहे तेलंगाना में ट्रेन देने से मना करना हो या दिल्ली के व्यापारियों को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करना हो, 1 नवंबर के मार्च को बिगाड़ने की बीजेपी की कोशिशें कामयाब नहीं होंगी."

    .

  8. यूक्रेन पर रूस का एक और बड़ा ड्रोन अटैक, 13 लोगों की मौत

    रूस के हमले में घायल महिला को इलाज के लिए ले जाया जा रहा है
    इमेज कैप्शन, रूस के हमले में घायल महिला को इलाज के लिए ले जाया जा रहा है

    यूक्रेन के निप्रो रेलवे स्टेशन पर रूस ने एक बड़ा ड्रोन हमला किया है. हमले के वक़्त लोग खड़ी ट्रेन में लोग घुस रहे थे.

    यूक्रेन के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक़, रूस के एक जेट-पावर्ड ड्रोन ने निप्रो रेलवे स्टेशन के भीड़भाड़ वाले प्लेटफ़ॉर्म पर हमला किया .

    रेलवे स्टेशन पर हुए इस हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है.

    यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में कम से कम 13 अन्य लोग घायल भी हुए हैं.

    ख़बरों में बताया गया है कि जिस वक़्त यह ड्रोन वहां गिरा, तब लोग स्टेशन पर खड़ी एक ट्रेन में चढ़ने का इंतज़ार कर रहे थे.

    यह ट्रेन पड़ोसी शहर ज़ापोरिज़िया के लिए रवाना होने ही वाली थी. धमाके के छर्रे लगने से ट्रेन को भी काफ़ी नुक़सान पहुंचा है.

    रूस ने यूक्रेन के बड़े रेल नेटवर्क को बार-बार निशाना बनाया है.

    इस रेल नेटवर्क का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर लोगों के आने-जाने और ज़रूरी सामान पहुंचाने के लिए किया जाता है.

  9. स्पेन ट्रेन हादसा: सरकार के ख़िलाफ़ फूटा लोगों का ग़ुस्सा

    रात भर स्पेन के ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस का आमना-सामना हुआ
    इमेज कैप्शन, रात भर स्पेन की ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस का आमना-सामना हुआ

    स्पेन में दो ट्रेनों की भिड़ंत के बाद गुस्साए लोगों ने ट्रांसपोर्ट विभाग के सामने प्रदर्शन किया. ट्रैफ़िक कंट्रोल और ट्रेन ड्राइवर के बीच बातचीत का ऑडियो भी सामने आ चुका है.

    रात में परिवहन मंत्रालय के बाहर प्रदर्शनकारी जमा हुए और उन्होंने ट्रेन हादसे को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की.

    दूसरी तरफ़, ट्रेन हादसे के पीड़ितों के लिए स्पेन में तीन दिनों का शोक मनाया जा रहा है.

    इस दौरान अतोचा स्टेशन पर एक स्मारक बनाया गया है और झंडों को आधा झुका दिया गया है.

    अटोचा स्टेशन पर लगा एक स्मारक कहता है, "जो वापस नहीं लौटे, हम उनके लिए प्रार्थना करते हैं"
    इमेज कैप्शन, अटोचा स्टेशन पर लगा एक स्मारक कहता है, "जो वापस नहीं लौटे, हम उनके लिए प्रार्थना करते हैं"
    मैड्रिड में 'कांग्रेस ऑफ डेप्युटीज' इमारत के ऊपर स्पेन का झंडा आधा झुका दिया गया है
    इमेज कैप्शन, मैड्रिड में 'कांग्रेस ऑफ डेप्युटीज' इमारत के ऊपर स्पेन का झंडा आधा झुका दिया गया है
    ट्रेनों को सुचारु रूप से चलाने की मांग लेकर लोगों ने किया प्रदर्शन
    इमेज कैप्शन, ट्रेनों को सुचारु रूप से चलाने की मांग लेकर लोगों ने किया प्रदर्शन
  10. कार्टून : वाक़ई क़ीमती है

    कार्टून : वाक़ई क़ीमती है
    इमेज कैप्शन, नेतन्याहू के 'चुनाव चोरी' वाले बयान पर आज का कार्टून
  11. वाराणसी में बीजेपी की हार पर संजय सिंह ने पीएम मोदी और ज्ञानेश कुमार के बारे में ये कहा

    एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय सिंह की तस्वीर
    इमेज कैप्शन, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय सिंह की तस्वीर (फ़ाइल फ़ोटो)

    देश के 4 राज्यों में हुए विधान परिषद चुनाव (एमएलसी चुनाव) पर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है. वाराणसी से समाजवादी पार्टी की जीत पर आप से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधा है.

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक पोस्ट लिखा है.

    इस पोस्ट में उन्होंने कहा, "मोदी जी वाराणसी में बुरी तरह हार चुके हैं फिर भी बेईमानी करने में जुटे हैं. रिकाउंटिंग भी करा ली उसमें भी हार गए.जानकारी मिली है कि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा 16हज़ार 990 वोट से जीत चुके हैं. ज्ञानू जीत का प्रमाण पत्र दो तुम्हारे आका हार चुके हैं."

    इससे पहले इससे एक दिन पहले पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था, " चार राज्यों में 28 सीटों पर एमएलसी चुनाव हो रहे हैं, ये सभी चुनाव बैलेट पेपर के ज़रिए करवाए जाने के बाद आख़िर कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं?"

    जिसके जवाब में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि भाजपा को यह अहंकार नहीं होना चाहिए कि उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. उन्होंने कहा, "अगर ऐसा है, तो वे संसद को भंग कर दें और बैलेट पेपर से चुनाव करवा लें."

  12. स्पेन रेल हादसे से कुछ मिनट पहले कंट्रोल सेंटर और ड्राइवर के बीच क्या बात हुई?

    स्पेन में जहां ट्रेन हादसा हुआ वहां की तस्वीर
    इमेज कैप्शन, स्पेन में जहां ट्रेन हादसा हुआ वहां की तस्वीर

    स्पेनिश मीडिया में सामने आई ऑडियो रिकॉर्डिंग्स से यूरोप के आधुनिक इतिहास की सबसे भीषण रेल दुर्घटनाओं में से एक से ठीक कुछ मिनट पहले ट्रेन ड्राइवरों और रेलवे कंट्रोल सेंटर के बीच हुई बातचीत सामने आई है.

    एक रिकॉर्डिंग में तकनीकी दिक्कतों के बाद कंट्रोल सेंटर का ऑपरेटर एक ट्रेन ड्राइवर से कहता है, "सामान्य गति से अपनी यात्रा जारी रखें."

    बीबीसी न्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक़, एक दूसरी ऑडियो रिकॉर्डिंग में ट्रेन 'इर्यो' का ड्राइवर कहता है कि ट्रेन कंट्रोल सिस्टम से संपर्क टूट गया है और वे उर्दा में रुके हुए हैं.

    ये रिकॉर्डिंग्स ऐसे समय में सामने आई हैं, जब स्पेन में तीन दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है.

    बुधवार सुबह मैड्रिड से सेविले जा रही एक ट्रेन की दूसरी ट्रेन से टक्कर हो गई थी. ऐसा लग रहा था कि दूसरी ट्रेन वहां खड़ी थी.

    इस हादसे में कम से कम 69 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हुए हैं.

    आपातकालीन बचाव दलों ने पीड़ितों की तलाश के लिए रातभर डिब्बों को काटने का काम किया. हादसे में मारे गए कई लोगों की पहचान अभी नहीं हो पाई है.

    राहत-बचाव कार्य पर स्पेन के प्रधानमंत्री ने क्या कहा ?

    स्पेन के प्रधानमंत्री की तस्वीर
    इमेज कैप्शन, स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़

    बीबीसी न्यूज से मिली जानकारी के मुताबिक, स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ ने कहा है कि, इस रेल हादसे के बाद प्रभावित क्षेत्र के आस-पास सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं.उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया कि पीड़ितों के रिश्तेदारों, ख़ुद पीड़ितों और कल दुर्घटना वाले इलाक़े में मौजूद रहे किसी भी व्यक्ति के लिए मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.

    सांचेज़ ने बचाव दल की ओर से किए गए "शानदार काम" की सराहना की और कहा कि स्पेन की सरकार इस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है.

  13. दक्षिण कोरिया ने कहा, 'होर्मुज़ स्ट्रेट में नहीं करेंगे लड़ाकू तैनाती'

    होर्मुज़ स्ट्रेट
    इमेज कैप्शन, होर्मुज़ स्ट्रेट (फ़ाइल फ़ोटो)

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वी सुंग-लाक ने गुरुवार को कहा कि सियोल होर्मुज़ जलडमरूमध्य में संभावित तैनाती के लिए अभी कई विकल्पों पर विचार कर रहा है.

    उन्होंने बताया कि इनमें समुद्री गश्ती विमान भेजने का विकल्प भी शामिल है. वी सुंग-लाक ने संसदीय ऑडिट के दौरान कहा कि इन विकल्पों को लेकर सियोल की वॉशिंगटन से बातचीत जारी है.

    हालांकि, उन्होंने साफ़ किया कि राष्ट्रपति ली जे म्योंग की पहले की घोषणा के मुताबिक़ दक्षिण कोरिया किसी भी तरह की लड़ाकू तैनाती नहीं करेगा.

  14. एमएलसी चुनाव नतीजों पर पीएम मोदी को जवाब देते हुए खड़गे ये बोले

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एक सभा को संबोधित करते हुए
    इमेज कैप्शन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एक सभा को संबोधित करते हुए (फ़ाइल फ़ोटो)

    उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, और महाराष्ट्र में एमएलसी चुनाव नतीजों पर बयानबाज़ी और तेज़ हो चुकी है. पीएम मोदी के ट्वीट पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जवाब दिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, कर्नाटक में एमएलसी चुनाव के नतीजों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रतिक्रिया दी है.

    खड़गे ने कहा, "हम अभी भी बैलेट पेपर से चुनाव की मांग कर रहे हैं, सिर्फ़ इसलिए कि वे जीत रहे हैं, हमें मैदान नहीं छोड़ देना चाहिए."

    उन्होंने आगे कहा, "एक समय ऐसा भी था जब वे संसद की केवल दो सीटें जीते थे. कभी-कभी ऐसा हो जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पार्टी की कोई पकड़ नहीं है."

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा को यह अहंकार नहीं होना चाहिए कि उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है.

    उन्होंने कहा, "अगर ऐसा है, तो वे संसद को भंग कर दें और बैलेट पेपर से चुनाव करवा लें."

    इससे एक दिन पहले पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था, " चार राज्यों में 28 सीटों पर एमएलसी चुनाव हो रहे हैं, ये सभी चुनाव बैलेट पेपर के ज़रिए करवाए जाने के बाद आख़िर कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं?"

    खड़गे से पहले कांग्रेस नेता उदित राज ने भी पीएम मोदी के ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी थी.

    उदित राज ने कहा था, "मुख्यमंत्री योगी के लिए गोरखपुर, पीएम मोदी के लिए बनारस और आरएसएस के लिए नागपुर. इन तीनों जगहों पर उन्हें बड़ा झटका लगा है. उन्हें अपने मामलों को संभालने पर ध्यान देना चाहिए."

  15. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आज़म ख़ान और बेटे अब्दुल्ला आज़म को इस केस में दी बड़ी राहत, प्रेरणा, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

    आज़म ख़ान अपने बेटे अब्दुल्ला आज़म के साथ
    इमेज कैप्शन, आज़म ख़ान अपने बेटे अब्दुल्ला आज़म के साथ (फ़ाइल फ़ोटो)

    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म ख़ान को दो पैन कार्ड मामले में राहत दी है.

    अदालत ने उनकी सज़ा निलंबित कर दी और ज़मानत मंज़ूर कर ली है. दोनों इस मामले में 17 नवंबर, 2025 से रामपुर जेल में बंद हैं.

    आज़म ख़ान के वकील नासिर सुल्तान ने फ़ैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इस मामले में रामपुर की ट्रायल कोर्ट और अपीलीय अदालत से सज़ा मिलने के बाद हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिवीज़न याचिकाएं दायर की गई थीं.

    14 और 15 अक्तूबर को इन याचिकाओं पर सुनवाई हुई थी, जिसके बाद अदालत ने अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था.

    नासिर सुल्तान ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा कि अब दोनों की ज़मानत मंज़ूर हो गई है. उन्होंने उम्मीद जताई कि ज़मानती दस्तावेज़ दाखिल करने और उनके सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों अगले दो-तीन दिनों में जेल से बाहर आ सकते हैं.

    अब्दुल्ला आज़म
    इमेज कैप्शन, अब्दुल्ला आज़म (फ़ाइल फ़ोटो)

    क्या है दो पैन कार्ड का मामला?

    यह मामला अब्दुल्ला आज़म ख़ान के नाम पर कथित तौर पर दो अलग-अलग जन्मतिथियों वाले पैन कार्ड बनवाने और उनके इस्तेमाल से जुड़ा है.

    आरोप है कि अब्दुल्ला आज़म के नाम पर एक पैन कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी, 1993 दर्ज थी, जबकि दूसरे में 30 सितंबर, 1990. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इन दस्तावेज़ों का इस्तेमाल अलग-अलग आधिकारिक कामों में किया गया.

    दिसंबर 2019 में बीजेपी नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर रामपुर के सिविल लाइंस थाने में इस मामले में एफ़आईआर दर्ज की गई थी. मामले में धोखाधड़ी, जालसाज़ी, जाली दस्तावेज़ को असली के तौर पर इस्तेमाल करने और आपराधिक साज़िश जैसे आरोप लगाए गए थे.

    नवंबर 2025 में रामपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट अदालत ने आज़म ख़ान और अब्दुल्ला आज़म को दोषी ठहराते हुए दोनों को सात-सात साल की क़ैद और 50-50 हज़ार रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई थी. इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया था.

    इस मामले में दायर अपीलों को रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया. मई 2026 में इसी अदालत ने अभियोजन पक्ष की अपील पर आज़म ख़ान की सज़ा सात साल से बढ़ाकर दस साल कर दी.

    इसके बाद दोनों ने हाई कोर्ट का रुख किया था. हाई कोर्ट ने अब उनकी सज़ा निलंबित करते हुए ज़मानत मंज़ूर कर ली है.

    हालांकि दो पैन कार्ड मामले में ज़मानत मिलने के बावजूद आज़म ख़ान के लिए क़ानूनी मुश्किलें पूरी तरह ख़त्म नहीं हुई हैं. उनके ख़िलाफ़ रामपुर समेत उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाक़ों में कई अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं.

  16. अभी तक बीबीसी संवाददाता संदीप राय आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.

    अब बीबीसी संवाददाता अभिषेक प्रताप सिंह रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं -

  17. सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों ने दागी बैलिस्टिक मिसाइल

    अदन हवाई अड्डा
    इमेज कैप्शन, अदन का हवाई अड्डा, तस्वीर 21 अक्तूबर की

    यमन में अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो हमलों और अल-जॉफ़ में 14 लोगों की मौत की ख़बरों के बीच सऊदी अरब ने अपने पूर्वी क्षेत्र की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने का दावा किया है.

    बीबीसी अरबी के मुताबिक़, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने गुरुवार तड़के एक्स पर बताया कि हवाई रक्षा बलों ने हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई मिसाइल को रोककर नष्ट कर दिया.

    इससे पहले, यमन के परिवहन मंत्रालय ने कहा था कि हूती विद्रोहियों ने बुधवार को अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो बार मिसाइल हमले किए.

    मंत्रालय के मुताबिक़, कुछ ही दिनों में हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए हमलों की संख्या छह हो गई है.

    मंत्रालय ने कहा कि ये हमले स्थानीय समयानुसार दोपहर एक बजे और तीन बजे हुए.

    मंत्रालय ने चेतावनी दी कि ऐसे हमलों से यात्रियों, हवाई अड्डे के कर्मचारियों और नागरिक उड्डयन की सुरक्षा को खतरा है. इससे लोगों की आवाजाही और मानवीय सहायता के काम पर भी असर पड़ सकता है.

    अदन हवाई अड्डे पर हमले
    इमेज कैप्शन, अदन हवाई अड्डे पर हूती विद्रोहियों ने दो हमले किए

    बुधवार को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने अदन हवाई अड्डे पर मौजूद लोगों से तुरंत परिसर खाली करने की अपील की थी.

    उन्होंने दावा किया कि वहां सऊदी अरब का एक सैन्य मालवाहक विमान मौजूद है, जो यमनी लोगों को निशाना बनाने के लिए हथियार लेकर आया है.

    हूती विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने हाल के दिनों में सऊदी अरब के अंदर हवाई अड्डों और तेल सुविधाओं को निशाना बनाया है.

  18. अर्नब तूफ़ान ने आंध्र में सबसे अधिक तबाही मचाई, 26 लाख एकड़ धान के खेत प्रभावित

    धान की फसल
    इमेज कैप्शन, आंध्र प्रदेश में तूफ़ान की वजह से धान की फसलों को ख़ासा नुक़सान पहुंचा है

    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू सबसे प्रभावित इलाक़ों में गुरुवार को दौरा करने जा रहे हैं.

    तूफ़ान अर्नब के कारण तेज़ हवाएं और भारी के चलते आंध्र प्रदेश में बड़े पैमाने पर फसलों को नुक़सान पहुंचा है.

    अधिकारियों के अनुमान के अनुसार, इस खरीफ सीजन में राज्य में धान की कुल खेती का रकबा 37.53 लाख एकड़ है. इनमें से 26 लाख एकड़ साइक्लोन प्रभावित क्षेत्र में आते हैं.

    बीबीसी तेलुगू के मुताबिक़, कोनसीमा ज़िले में धान और केले की खेती को काफ़ी नुक़सान हुआ है. भार संख्या में नारियल के पेड़ और बिजली के खंभे गिरे हैं. कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है.

    वह कोनासीमा ज़िले के कात्रेनिकोन मंडल के चेयेरू में फसलों का निरीक्षण करेंगे और किसानों से बात करेंगे. बाद में, वे शेल्टर में शरण लिए हुए पीड़ितों से बात करेंगे.

    केले की फसल
    इमेज कैप्शन, तूफ़ान की वजह से केले के पौधे खेतों में गिर गए हैं

    इससे पहले, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने ज़िला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि सरकार ने चक्रवात के कारण अपने घर, फसल, दुकानें और अन्य संपत्ति खोने वालों की मदद के लिए कदम उठाए हैं.

    उन्होंने मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये मुआवज़ा और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावित लोगों को 25 किलो चावल उपलब्ध कराने का आदेश दिया.

    हथकरघा कामगारों और मछुआरों को 50 किलो चावल, प्याज़, खाद्य तेल और दाल उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही आश्रय शिविरों में शरण लेने वालों को 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी.

    कोनासीमा
    इमेज कैप्शन, कोनसीमा ज़िले में नारियल के पेड़ों को भारी नुक़सान पहुंचा है

    आंध्र प्रदेश के बिजली विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के साथ एक समीक्षा बैठक में बताया कि अर्नब के प्रभाव से कोनासीमा ज़िले में करीब 6,000 बिजली के खंभे गिर गए हैं.

    चक्रवात का तटीय ज़िलों में धान, कोनासीमा में नारियल और गोदावरी घाटी में केले और जलीय कृषि सहित प्रमुख फसलों की खेती पर गंभीर असर पड़ा है.

    भारी बारिश, तेज़ हवाओं और बाढ़ से हज़ारों एकड़ में फैली फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं.

  19. आईआरजीसी ने होर्मुज़ स्ट्रेट के पास एक एमक्यू-1 ड्रोन मार गिराने का दावा किया

    ड्रोन
    इमेज कैप्शन, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह 14वां ड्रोन है जिसे उन्होंने मार गिराया है

    ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) का कहना है कि उनके वायु रक्षा तंत्र ने होर्मुज़ स्ट्रेट के पूर्वी हिस्से में सिराक के पास एक एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया है.

    ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने आईआरजीसी का हवाला देते हुए कहा, "देश के एकीकृत हवाई रक्षा नेटवर्क के तहत संचालित एक नई हवाई रक्षा प्रणाली ने होर्मुज़ स्ट्रेट के पास एक आधुनिक एमक्यू-1 ड्रोन को निशाना बनाया."

    ईरानी अधिकारियों का दावा है कि यह इस प्रकार का 14वां ड्रोन है जिसे मार गिराया गया है.

    ये दावे ऐसे समय में सामने आए हैं जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और ईरान, सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं.

  20. महाराष्ट्र एमएलसी चुनावः नागपुर में कांग्रेस की जीत बीजेपी के लिए झटका क्यों है?, भाग्यश्री राउत, बीबीसी मराठी संवाददाता, नागपुर

    देवेंद्र फडणवीस
    इमेज कैप्शन, नागपुर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गृहनगर है

    महाराष्ट्र विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 5 सीटों में महाविकास अघाड़ी ने 3 सीटें जीतीं हैं, जबकि बीजेपी को केवल 2 सीटें मिलीं.

    नागपुर के नतीजों पर पूरे देश में चर्चा है. नागपुर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गृह नगर है और यहीं बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा.

    कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने सुधाकर कोहली को हराकर जीत हासिल की है.

    कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने नागपुर स्नातक चुनाव में 3,240 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है. नितेश कराले को मिले 25,000 प्रथम वरीयता मतों में से अभिजीत वंजारी को सबसे अधिक द्वितीय वरीयता मत प्राप्त हुए. इसके साथ ही वंजारी लगातार दूसरी बार एमएलसी बन गए और उन्होंने बीजेपी के सुधाकर कोहली को हराया.

    नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र भाजपा का गढ़ था. लेकिन पिछली बार कांग्रेस ने इस गढ़ को कमज़ोर कर दिया था. इस साल भाजपा ने अपनी पूरी ताक़त लगा दी थी.

    अभिजीत वंजारी
    इमेज कैप्शन, नागपुर में अभिजीत वंजारी ने एमएलसी चुनावों में बीजेपी के उम्मीदवार को हराया

    बीजेपी के लिए क्यों है निराशाजनक

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद इस चुनाव पर ध्यान दिया था. फडणवीस के साथ बावनकुले और गडकरी ने भी चुनाव प्रचार किया था. मुख्यमंत्री ने मतदान के दिन खुद बूथ का दौरा किया था. लेकिन बीजेपी के भीतर उम्मीदवारी को लेकर असंतोष था. अनिल सोले ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था. हालांकि सीएम फडणवसी ने उन्हें मनाने की कोशिश की थी.

    स्नातकों के बीच अभिजीत वंजारी का प्रभाव सुधाकर कोहली से कहीं अधिक है. उनके जनसंपर्क अच्छे हैं. विदर्भ में कॉलेज के माध्यम से उनका एक मजबूत नेटवर्क है. कहा जाता है कि उन्हें भी इससे लाभ हुआ है.

    इस चुनाव में एक अहम कारक निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले थे. वे इस चुनाव में निर्णायक साबित हुए. शुरू में सुधाकर कोहली प्रथम वरीयता मतों में 6 हजार वोटों से आगे थे. लेकिन जब नितेश कराले चुनाव से बाहर हो गए और उनके 25 हजार मतपत्रों पर द्वितीय वरीयता मतों की गिनती शुरू हुई, तो कोहली 3240 वोटों से पिछड़ गए.

    नितेश कराले को लगभग 25 हजार प्रथम वरीयता वोट मिले, जबकि स्थापित पार्टी के उम्मीदवारों की जीत भी कराले पर ही निर्भर थी. क्योंकि उन्हें तृतीय वरीयता वोटों की संख्या अधिक मिली थी. विजेता का निर्धारण इस आधार पर हुआ कि प्रथम वरीयता मतपत्र पर किसे द्वितीय वरीयता वोट मिले.

    महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव परिणाम

    शिक्षक विभाग निर्वाचन क्षेत्र-

    • पुणे: कौस्तुभ गावड़े (महायुति-बीजेपी)
    • अमरावती: किरण सरनाईक (महायुति: शिव सेना)

    स्नातक प्रभाग निर्वाचन क्षेत्र: विजयी उम्मीदवार-

    • मराठवाड़ा: डॉ. प्रतापसिंह पाटिल (राष्ट्रवादी कांग्रेस - शरदचंद्र पवार)
    • पुणे: हर्षदा देशमुख-जाधव (राष्ट्रवादी कांग्रेस - शरद चंद्र पवार समूह)
    • नागपुर: अभिजीत वंजारी (कांग्रेस)