कार्टून: बताना तो पड़ेगा

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है.
दीपक मंडल, रौनक भैड़ा


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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है.
राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ऐसे व्यक्ति को देश का शिक्षा मंत्री बनाया है, जो 'रेपिस्टों का बचाव करते हैं.'
राहुल गांधी ने सदन के बाहर मीडिया से कहा, "भारत के शिक्षा मंत्री के पद पर ऐसे व्यक्ति को बैठाया गया है, जो रेपिस्टों का बचाव करते हैं. इससे ज़्यादा घिनौना कुछ नहीं हो सकता. कोई भी व्यक्ति जो रेपिस्टों को संरक्षण देने की बात करता है, उससे ज़्यादा घिनौना आदमी नहीं हो सकता."
उन्होंने आगे कहा, "पीएम के मंत्रिमंडल में कई लोग हैं, लेकिन उन्होंने ऐसे व्यक्ति को चुना जो रेपिस्टों का बचाव करते हैं. यह हैरान करता है."
इससे पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी सदन में शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद बीजेपी सांसदों ने उनसे माफ़ी की मांग की.
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने प्रियंका की टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने की भी मांग की.

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लोकसभा में मंगलवार को 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार पर युवाओं की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया.
उन्होंने लोकसभा में पूछा, "क्या ज़रूरत थी छात्रों पर आँसू गैस के गोले छोड़ने की, उनपर लाठियां बरसाने की? क्या ज़रूरत थी नौजवान लड़कियों को जलील करते हुए उनके कपड़े फाड़ने की, उनको बेरहमी से पिटवाने की? क्या ज़रूरत थी देश के युवाओं पर पैलेट गन, एके-47 चलवाने की, क्या वे आतंकवादी हैं?"
प्रियंका गांधी ने कहा, "पैलेट गन चलाने का ऑर्डर किसने दिया, प्रधानमंत्री ने दिया या गृह मंत्री ने? आज ये सवाल सिर्फ़ कांग्रेस पार्टी नहीं, बल्कि पूरा देश पूछ रहा है और इसका जवाब देने की ज़िम्मेदारी सरकार की है."
उन्होंने कहा, "देश के एजुकेशन सिस्टम में कई सारी खामियां भर गई हैं. कई बच्चे दबाव में आकर जान दे देते हैं तो कई डिप्रेशन में चले जाते हैं. परिवारों पर भी भारी दबाव है और उन्हें कर्ज़ लेना पड़ता है. उसके बावजूद बच्चों के अच्छे भविष्य की कोई गारंटी नहीं रह गई है."
गौरतलब है कि इससे पहले चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा था कि पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक भारतीय संसद के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने वाला क़ानून है.
(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पोस्ट को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म फ़ेसबुक (मेटा) ने भारत में कुछ समय के लिए हटा दिया था. इस मामले को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने 'बेहद परेशान करने वाला' बताया है.
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में एस कृष्णन ने कहा, "प्रधानमंत्री के आधिकारिक हैंडल से ऑथराइज़्ड कंटेंट को हटाना गंभीर मामला है. ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था."
उन्होंने कहा कि मेटा की ओर से इस मामले में बिना शर्त माफ़ी मांगना एक अच्छा क़दम है. हालांकि, उन्होंने कहा, "मेटा ने इसके पीछे तकनीकी गड़बड़ी का हवाला दिया है, लेकिन यह स्पष्टीकरण अपने आप में स्वीकार्य नहीं है. हमने उनसे इस मामले में और जानकारी मांगी है. तकनीकी स्तर पर एक बड़ी बैठक की जाएगी, ताकि यह समझा जा सके कि ऐसी स्थिति कैसे पैदा हुई."
आईटी मंत्रालय के सचिव ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भारत में प्रमुख हस्तियों के सोशल मीडिया अकाउंट सुरक्षित रहें.
उन्होंने कहा, "एक बार कोई अकाउंट वेरिफ़ाइड हो जाए, तो ये सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वहाँ पोस्ट किया गया कंटेंट ऐसे कमज़ोर आधारों या इस तरह की ग़लतियों की वजह से न हटाया जाए. मुझे लगता है कि ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. हम इस मामले को आगे भी उठाते रहेंगे ताकि ऐसे सुधार किए जाएं, जिससे भविष्य में इस तरह के मामले न दोहराएं."
यह जानकारी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है कि पीएम मोदी का कौनसा फ़ेसबुक पोस्ट हटाया गया. हालांकि, समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि 23 जुलाई को पोस्ट किया गया वीडियो हटा था, जिसमें पीएम मोदी ने युवाओं और स्टूडेंट्स को संबोधित किया था.

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भारत और चीन के बीच एक अगस्त से 'नाथू ला पास' के जरिए सीमा व्यापार दोबारा शुरू होगा.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच पहले से हुए समझौते के तहत इस फैसले को लागू किया जा रहा है.
रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में कहा, "19 अगस्त 2025 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में दोनों पक्षों ने तीन निर्धारित व्यापारिक मार्गों लिपुलेख, शिपकी ला और नाथू ला पास के जरिए सीमा व्यापार फिर से शुरू करने पर सहमति जताई थी."
विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच हुए फ़ैसलों को अब लागू किया जा रहा है. इसके तहत एक अगस्त से नाथू ला पास के रास्ते भारत-चीन के बीच सीमा व्यापार फिर शुरू होगा.

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बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार को 29 जुलाई की शाम 7 बजे तक छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ़्तार सभी छात्रों को रिहा करने का अल्टीमेटम दिया है.
उन्होंने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा तक छात्रों की रिहाई और दर्ज मुकदमों की वापसी नहीं होने पर 30 जुलाई की सुबह 7 बजे से पूरे बिहार में आंदोलन शुरू किया जाएगा.
पटना डीएम कुंदन कुमार ने छात्रों की रिहाई के संबंध में हो रही कार्यवाही के सवाल पर बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, "पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को सूचना दे दी गई है और अब वो आगे की कार्यवाही करेंगे."
दरअसल, 27 जुलाई की देर शाम बिहार सरकार ने छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ़्तार सभी आंदोलनकारियों को रिहा करने की घोषणा की थी. हालांकि, इसके बावजूद छात्रों की रिहाई नहीं होने की ख़बरें लगातार सामने आ रही हैं.
बांकीपुर उपचुनाव के प्रचार के दौरान रोड शो में पत्रकारों से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, "यदि सरकार बुधवार शाम 7 बजे तक छात्रों को रिहा नहीं करती और उन पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लेती है, तो 30 जुलाई की सुबह 7 बजे से पूरे बिहार में आंदोलन होगा."
इस बीच, छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज एफ़आईआर के मामले में तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप यादव भी पटना के बेऊर जेल में बंद हैं.
वहीं, सीपीआई (एमएल) के राज्य सचिव कुणाल ने भी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, "पार्टी मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया में किसी भी तरह की टालमटोल या नौकरशाही बाधा स्वीकार नहीं करेगी."
छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में सीपीआई (एमएल) के पालीगंज विधायक संदीप सौरभ समेत कई आइसा नेता भी बेऊर जेल में बंद हैं.
राज्यभर में छात्र आंदोलन के दौरान कुल 407 प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया गया है, जबकि 999 लोगों को नामज़द अभियुक्त बनाया गया है.

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दक्षिण जापान में मंगलवार को 7.1 तीव्रता का भूकंप आने से दहशत फैल गई. अधिकारियों के अनुसार, भूकंप के बाद कुमामोटो स्थित एक शॉपिंग मॉल में कई लोग फंस गए हैं, जबकि हादसे में कई लोगों के घायल होने की ख़बर है.
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, भूकंप के बाद कुमामोटो के एयॉन मॉल में विस्फ़ोट होने की भी सूचना मिली है. हालांकि, विस्फ़ोट के कारणों और नुकसान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम 4:27 बजे जापान के क्यूशू द्वीप के अंदरूनी हिस्से में आया. झटकों के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, जिसे क़रीब एक घंटे के भीतर वापस ले लिया गया.

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एहतियात के तौर पर प्रशासन ने 1.5 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में जाने के निर्देश दिए हैं. राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाक़ों में अभियान चला रहे हैं.
गौरतलब है कि जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है. यहां हर वर्ष औसतन क़रीब 1,500 भूकंप दर्ज किए जाते हैं.

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लोकसभा में मंगलवार को 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की निंदा की.
उन्होंने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से हटाए जाने का ज़िक्र करते हुए कहा कि सरकार ने 'प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री' को बचा लिया.'
अखिलेश यादव ने कहा, "मज़ाक-मज़ाक में बनी कॉकरोच जनता पार्टी आज कितनी बड़ी पार्टी बन गई. मज़ाक में शुरू हुई पार्टी अब कितनी गंभीर हो गई है. सरकार युवाओं को झुकाना जानती है. करोड़ों युवाओं की मांग थी कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दें. अब धर्मेंद्र प्रधान मंत्री नहीं हैं."
उन्होंने कहा कि जब पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री संसद पहुंचे तो सदन के बाहर उनका स्वागत किया गया. इस पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इससे सदस्यों को बड़ी राहत मिली होगी. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "एक प्रधान को हटाकर आपने प्रधानमंत्री को बचा लिया."
पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि यह पहला ऐसा आंदोलन था, जिसमें अभिभावकों ने ख़ुद अपने बच्चों से आंदोलन में शामिल होने के लिए कहा. उन्होंने कहा, "अगर यह गलत बात है, तो गृह मंत्री को लाइए, वे सब साफ़ कर देते."
अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, "जो लोग चढ़ावा नहीं बचा सके, वो लोग पेपर लीक कैसे बचा पाएंगे. भगवान के दरबार से दान ग़ायब हो गया."

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लोकसभा में 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा करते हुए मंगलवार कोलोकसभा में उप नेता और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है.
उन्होंने परीक्षा से जुड़े बिल पर कहा, "ये बिल सिर्फ़ दिखावे का बिल है. सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है और सुधार नहीं लाना चाहती है."
गौरव गोगोई ने पूछा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन का आदेश किसने दिया, सरकार को जवाब देना चाहिए.
गोगोई ने कहा, "लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बार-बार कहा कि प्रधान तो सिर्फ़ एक मुखौटा हैं. हमें और बच्चों को इसका भरोसा नहीं है कि उनके हटने से शिक्षा में सुधार आएगा. बच्चे क्या करें. उनके पास पैसे नहीं है कि 30-30 लाख में पैसे खरीद सकें. वे नाराज़ हैं. जब वे लड़ नहीं पाते तो आत्महत्या कर लेते हैं."
उन्होंने आरोप लगाया, "धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री रहते 21 बच्चों ने अपनी जान दे दी, उन्होंने आत्महत्या की. लेकिन जब वे इस्तीफ़ा देने के बाद संसद परिसर में आए तो बीजेपी सांसदों ने उनका ऐसे स्वागत किया, जैसे वो पाकिस्तान से जंग लड़कर आए हों."
गौरतलब है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफ़ा देने के बाद सोमवार को जब धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे, तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसदों ने उनका ज़ोरदार स्वागत किया था.
(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद सोमवार को जब धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे, तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया. इसे लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि आखिर यह स्वागत किस बात के लिए किया गया.
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, "जब धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे तो बीजेपी सांसद उनके जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे. किस बात का जिंदाबाद? वे किस बात का जश्न मना रहे हैं? 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, अभी तक पीड़ितों को मुआवजा भी नहीं मिला है, हालांकि सरकार ने आश्वासन जरूर दिया है."
दरअसल, इससे पहले सौरव दास और सीजेपी से जुड़े आशुतोष रांका का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. वीडियो में दोनों धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन समाप्त होने के बाद जश्न मनाते हुए दिखाई दे रहे थे.
इस वीडियो को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में सौरव दास ने कहा कि बीजेपी सांसदों का जश्न मनाना जायज नहीं था, लेकिन हमारे वॉलंटियर्स ने इतना अच्छा काम किया था, इसलिए उन्हें अच्छे से बाय-बाय तो बोलना चाहिए.

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लोकसभा में मंगलवार दोपहर 2 बजे से पेपर लीक से जुड़े 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा शुरू हो गई है. इस विधेयक में 2024 में बने क़ानून में बदलाव का प्रस्ताव है.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सभी दल इस बात पर सहमत हुए हैं कि 6 घंटे की चर्चा को 2 घंटे और बढ़ाकर 8 घंटे कर दिया जाए.
उन्होंने कहा, "स्पीकर ने अभी कहा है कि इसे एक घंटा और बढ़ाने में हमें कोई आपत्ति नहीं है. अगर 8 घंटे से भी ज़्यादा समय की ज़रूरत पड़ी, तो हम 10 घंटे की चर्चा के लिए भी तैयार हैं."
चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह संशोधन विधेयक भारतीय संसद के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने वाला क़ानून है.
उन्होंने कहा कि यह विधेयक साल 2024 में लाए गए अधिनियम में संशोधन के लिए पेश किया गया है. उन्होंने कहा कि 2024 का क़ानून स्वतंत्र भारत के इतिहास में अपनी तरह का पहला क़ानून था, जिसे केंद्र सरकार लेकर आई थी.
डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2024 का क़ानून और अब लाया गया संशोधन, दोनों ही छात्रों और युवाओं के हितों की रक्षा के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हैं.
उन्होंने कहा, "संशोधन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संकल्प को भी मज़बूत करता है, जिसके तहत देश के बच्चों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने दिया जाएगा."
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "यह विधेयक भारतीय संसद के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने वाला क़ानून है, जो सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा."

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असम के छह जिलों में बाढ़ के कारण अब भी 631 गांव पानी में डूबे हुए हैं.
असम राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सोमवार देर शाम बाढ़ की स्थिति को लेकर जो रिपोर्ट जारी की है उसमें मामूली सुधार के दावे किए गए है. लेकिन ऊपरी असम के तीन जिलों में हालात सामान्य होने में कई महीने लग जाएंगे.

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अभी तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से बढ़ सकते हैं.

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बीसीसीआई ने मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन को इंडियन टेस्ट टीम के लिए चुना है.
उन्हें श्रीलंका में दो मैचों की टेस्ट सिरीज़ के लिए चुना गया है.
सारांश को चोटिल वॉशिंगटन सुंदर की जगह टीम में शामिल किया गया है. चोट के कारण सुंदर चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे.
सारांश जैन दाएं हाथ के ऑफ़ स्पिन गेंदबाज़ हैं और बाएं हाथ से बल्लेबाज़ी भी करते हैं.
निचले क्रम में वह टीम को बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी, दोनों से संतुलन बनाने की क्षमता रखते हैं.
यही क्षमता उन्हें वॉशिंगटन सुंदर का विकल्प बनाती है.

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सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान गिरफ़्तार या हिरासत में लिए गए उन विद्यार्थियों को तुरंत रिहा कर दिया जाए जिनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है.
क़ानूनी ख़बरों और विश्लेषण की वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक़ अदालत ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों के आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की जाए.
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा है.
अदालत ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि जांच से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य सभी सबूत सुरक्षित रखे जाएं.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार दर्ज एफआईआर की जांच जारी रख सकती है, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों के ख़िलाफ़ कोई दंडात्मक या ज़बरदस्ती की कार्रवाई नहीं की जाएगी.
अदालत ने साफ़ किया कि प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के ख़िलाफ़ कोई कठोर कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन यह राहत उन लोगों पर लागू नहीं होगी जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है.

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मशहूर फार्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने उन हज़ारों मुक़दमों को निपटाने के लिए 5.5 अरब डॉलर तक देने की पेशकश की है, जिनमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी का बेबी पाउडर और टैल्कम वाले प्रोडक्ट ओवरी (अंडाशय) कैंसर की वजह बने.
यह प्रस्ताव कई वर्षों से चल रहे उस बड़े कानूनी विवाद को खत्म करने की कोशिश है, जिसने न्यू जर्सी स्थित इस हेल्थ सर्विस कंपनी पर लगातार दबाव बनाए रखा है.
हालांकि, जॉनसन एंड जॉनसन ने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया है. कंपनी का कहना है कि उसके टैल्कम वाले प्रोडक्ट्स से कैंसर नहीं होता. कंपनी ने अपने लोकप्रिय बेबी पाउडर के फ़ॉर्मूले में भी बदलाव कर दिया है.
कंपनी के लिटिगेशन मामलों के वाइस प्रेसिडेंट एरिक हास ने सोमवार को कहा कि ये आरोप "बेबुनियाद" हैं.
उन्होंने कहा कि कंपनी केवल इस लंबे विवाद को हमेशा के लिए ख़त्म करने के मक़सद से समझौता करने को तैयार है.
जेएंडजे ने कहा कि वह अगले साल 3 अरब डॉलर तक का भुगतान करेगी. इसके बाद 2028 से पहले कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा.

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बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने 'जेन-ज़ी' पर विवादित टिप्पणी की है.
कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारियों को 'जेनरेशन गटर' और 'कॉकरोच' कहा. उनके इन बयानों पर कांग्रेस और एआईएमआईएम नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों की ओर से साझा किए गए वीडियो और पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने कहा कि उन्हें देखकर 'उल्टी आने लगती है.'
उन्होंने प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा की भी आलोचना की.
एक अन्य पोस्ट में कंगना रनौत ने प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को निशाना बनाया.
उन्होंंने कहा कि ये पश्चिमी सोच से प्रभावित भारतीय महिलाएं हैं. उनका कहना था कि ये महिलाएं नशा करने, शराब पीने और माता-पिता की कमाई पर निर्भर रहने को अपनी आज़ादी बताकर गर्व करती हैं.
उनकी इस टिप्पणी की काफ़ी आलोचना हो रही है. सोशल मीडिया पर एक यूज़र ने लिखा, "जब नीट पेपर लीक का मामला सामने आया या इतने छात्रों ने आत्महत्या की, तब इस महिला ने एक शब्द नहीं कहा.''
कांग्रेस और एआईएमआईएम ने भी उनकी टिप्पणी का विरोध किया. एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कंगना की भाषा की निंदा करते हुए उनसे माफ़ी की मांग की.
छात्रों के आंदोलन पर कंगना रनौत इससे पहले भी टिप्पणी कर चुकी हैं.

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शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स के पैरा एथलेटिक्स में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता है.
वहीं लॉन्ग जंप में खिलाड़ी सर्वेश कुशारे, वल्लुरी अजय बाबू और ज्ञानेश्वरी यादव ने एक-एक सिल्वर मेडल जीतकर भारत के पदकों की संख्या में इजाफ़ा किया.
शर्मिला ने महिलाओं की एफ 57 वर्ग के गोला फेंक कॉम्पीटिशन में 9.81 मीटर के सेशन में अपना मेडल जीता.
सोमवार देर रात मिली इस जीत के साथ वह कॉमनवेल्थ खेलों में पैरा एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई है.
इसके साथ ही पैरा एथलेटिक्स में मेडल के लिए भारत का 20 साल का इंतजार भी ख़त्म हो गया.
इससे पहले इस स्पर्द्धा में भारत को आख़िरी पदक 2006 के कॉमनवेल्थ गेम्स में मिला था.

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बिहार के सिवान में स्टूडेंट्स के समूह की ओर बिहार पुलिस के जवान का एके-47 राइफ़ल तानने का एक वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी पर बिहार में 'पुलिस स्टेट' चलाने का आरोप लगाया है.
उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, ''एनडीए सरकार और सम्राट चौधरी बिहार को गुंडों के सहारे चलने वाला पुलिस स्टेट बनाने की कोशिश कर रहे हैं. जब नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार को छात्रों के सामने झुकना पड़ा और समझौता हो गया था, तो फिर सम्राट चौधरी के आदेश पर बिहार में सैकड़ों छात्रों को क्यों गिरफ़्तार किया गया?''
''छात्रों पर न सिर्फ़ लाठीचार्ज किया गया, बल्कि आरोप है कि देश के इतिहास में पहली बार किसी छात्र प्रदर्शन के दौरान एके-47 राइफलों से भी गोली चलाई गई.''
बिहार के सिवान ज़िले में 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स के समूह की ओर बिहार पुलिस के जवान का एके-47 राइफ़ल तानने का एक वीडियो वायरल है.
इस वीडियो को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाज़ियां तेज़ हो गई हैं. वहीं बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इसे पुलिस का स्टूडेंट्स पर एके-47 से फ़ायरिंग का देश का पहला मामला बताया है.
इस मामले पर सिवान के एसपी पूरण झा ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की संवाददाता सीटू तिवारी से पुष्टि की है कि बिहार पुलिस के एसआईटी के जवान अभिषेक पटेल को निलंबित कर दिया गया है.
एसपी पूरण झा ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया कि तीन में से एक प्रदर्शनकारी को पुलिस की गोली लगी है, बाक़ी दो लोगों को गोली कैसे लगी इसकी जांच की जा रही है.
उन्होंने कहा कि घायलों में किसी को भी एके 47 से चलाई गोली नहीं लगी है. उन्होंने बताया कि 'एके 47 की लाइन ऑफ़ फ़ायरिंग हवा में थी, उससे लगी गोली घातक होती है.'