जियो प्लेटफ़ॉर्म्स की शेयर बाज़ार में इतने पर हुई लिस्टिंग
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इमेज कैप्शन, मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी लिटिंग सेरेमनी के दौरान
ब्लॉकबस्टर आईपीओ के बाद आज जियो प्लेटफ़ॉर्म्स ने शेयर बाज़ार में कदम रख दिया.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में जियो प्लेटफ़ॉर्म्स लिमिटेड 1,358 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुआ.
इस मौके पर रिलायंस इंडस्ट्रीज की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा कि उनके पिता मुकेश अंबानी ने 1977 में रिलायंस के पहले पब्लिक इश्यू पर काम किया था.
ईशा अंबानी ने कहा, "रिलायंस को आम लोगों तक पहुंचाने का फैसला उनके दादा धीरूभाई अंबानी का था. कंपनी ने उस समय 10 करोड़ रुपये के मूल्यांकन पर 2.82 करोड़ रुपये जुटाए थे."
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी, रिलायंस फ़ाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता अंबानी और एनएसई के एमडी एवं सीईओ आशीष चौहान, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड की शेयर बाजार में लिस्टिंग के दौरान बेल रिंगिंग सेरेमनी में मौजूद थे.
मेलानिया ट्रंप ने कहा- यूक्रेन और रूस के बीच सीज़फ़ायर शुरू
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इमेज कैप्शन, अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप (फ़ाइल फ़ोटो)
रूस और यूक्रेन के बीच एक इलाक़े में सीज़फ़ायर शुरू हो गया है, इसकी पुष्टि यूक्रेन और अमेरिका दोनों ने की है.
अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने एक्स पर लिखा, "यूक्रेन और रूस के बीच सीज़फ़ायर 27 अक्टूबर 2026 को मॉस्को के समयानुसार सुबह 4 बजे लागू हो गया."
"नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ज़रूरी मानवीय सहायता पहुंचाने में मदद के लिए इसे तय समय से दो दिन पहले लागू किया गया."
"सीज़फ़ायर का भौगोलिक दायरा खेरसॉन क्षेत्र के ओलेश्की से आगे बढ़ा दिया गया है, ताकि मानवीय सहायता पहुंचाने वाले काफिलों को सुरक्षित रास्ता मिल सके. रूसी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के प्रमुख जनरल वालेरी गेरासिमोव ने इसकी पुष्टि की है."
उधर यूक्रेनी पार्लियामेंट्री कमिश्नर दिमित्रो लुबिनेट्स ने भी इसकी पुष्टि की है और कहा है कि दोनों में से किसी भी पक्ष की ओर से सीज़फ़ायर के उल्लंघन का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है.
उत्तर प्रदेश: वाराणसी में एमएलसी सीट समाजवादी पार्टी को, आगरा में हंगामा
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इमेज कैप्शन, अखिलेश यादव (फ़ाइल फ़ोटो)
समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में हुए एमएलसी चुनावों
की मतगणना में कई जगहों पर धांधली के आरोप लगाए हैं.
इन चुनावों में बीजेपी को चार सीटें
मिली हैं जबकि बनारस में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार लाल बिहारी यादव ने जीत
दर्ज की है.
उन्होंने इस जीत के लिए पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की
नीतियों को श्रेय दिया.
आगरा में समाजवादी पार्टी ने अपने उम्मीदवार
के साथ मारपीट के आरोप लगाए हैं.
अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, “अब भाजपा ख़ुद ही बताए कि आगरा से जीतते हुए
सपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल जी के साथ उसके लोगों द्वारा किया गया
यह व्यवहार कितना जायज़ है. प्रशासन डॉ.
आकाश अग्रवाल जी को जीत का प्रमाणपत्र तुरंत दे.”
गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के
उम्मीदवार संजययन त्रिपाठी ने धांधली का आरोप लगाते हुए मतगणना
का बहिष्कार किया है.
उन्होंने पत्रकारों से कहा,
"तीन चक्र की मतगणना तक सब कुछ ठीक चल रहा
था. निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव लगभग 450 मतों से आगे थे...अचानक से यह देखा गया कि जो मतगणना हो रही थी,
उसमें एकदम से एकतरफा भाजपा प्रत्याशी के पक्ष
में वोट निकलने लगे...अचानक से पूरा ट्रेंड बदला हुआ था...हमने
मतगणना का बहिष्कार किया. पुलिस दुर्व्यवहार कर रही थी और सीधे-सीधे लोकतंत्र की
हत्या करके सत्ताधारी दल के प्रत्याशी को चुनाव जिताने के लिए मन बना करके बैठे
थे."
बरेली मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी समाजवादी पार्टी के
उम्मीदवार दानिश अख़्तर ने बीजेपी की जीत के लिए चुनाव आयोग को ज़िम्मेदार ठहराया.
उन्होंने कहा, “यहां मतगणना निष्पक्ष रूप से हुई है
लेकिन मतदाता सूची में 30% फर्जी
लोग हैं. मैंने इसके प्रमाण दिए और कई बार इसके संबंध में चुनाव आयोग को लिखा
लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई..."
उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की 28 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर चुनावों के नतीजे आ रहे हैं.
उत्तर प्रदेश में 11 लेजिस्लेटिव काउंसिल सीटों के लिए वोटों की गिनती जारी है. पांच ग्रेजुएट और छह टीचर सीटों पर कुल 152 उम्मीदवार मैदान में हैं. यूपी एमएलसी चुनाव में 1,481,310 वोटरों में से 55.24% वोटिंग हुई.
यूएन में अमेरिका और क्यूबा के बीच तीखी नोक-झोंक, ये थी वजह
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी राजदूत वॉल्ट्ज ने क्यूबा पर गंभीर आरोप लगाए
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज और क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पैरिला के बीच बहस हो गई.
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइकल वॉल्ट्ज ने आरोप लगाया, "कास्त्रो ने हजारों समलैंगिक लोगों, ईसाइयों, अफ्रीकी मूल के क्यूबाई लोगों और अन्य लोगों को यातना शिविरों में भेजा था."
"यह सरकार ही थी, जिसने उनकी संपत्ति छीन ली और उनसे जबरन मजदूरी कराकर मुनाफा कमाया.
"तब से हवाना दुनिया को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करता रहा है कि क्यूबा में सब कुछ ग़ायब हो गया है. लेकिन हम जानते हैं कि वह सब कहां गया और आज हम यहां यह बात दुनिया के सामने रखने आए हैं."
मंच से बोल रहे अमेरिकी राजदूत के इस बयान के बीच में ही क्यूबा के प्रतिनिधि मंडल ने खड़े होकर इस पर आपत्ति दर्ज कराई और इसे वापस लिए जाने की मांग की.
यह हंगामा कुछ देर तक चला और अमेरिकी राजदूत को अपना भाषण रोकना पड़ा.
इसके बाद उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि अध्यक्ष महोदय, हर कोई इस समय प्रतिनिधिमंडल की बात सुन रहा है. कल्पना कीजिए कि जब कोई ये सवाल हवाना में पूछता है, न कि राजदूतों और कैमरों से भरे किसी कमरे में, तो क्या होता होगा. सोचिए, उन लोगों के साथ क्या होता होगा, जब हम यहां भी इस तरह की धमकी और व्यवधान देखते हैं."
ब्राज़ील आम चुनाव में हार के बाद बोल्सोनारो अमेरिका पहुंचे, लूला ने ‘शर्मनाक’ बताया
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इमेज कैप्शन, ब्राज़ील के राष्ट्रपति चुनावों में फ़्लावियो बोल्सोनारो को हार का सामना करना पड़ा है
रविवार को ब्राज़ील के राष्ट्रपति
चुनाव में हार के बाद फ़्लावियो बोल्सोनारो ब्राज़ील छोड़कर अमेरिका के फ़्लोरिडा
पहुंच गए हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बीबीसी को
बताया है कि वह बोल्सोनारो और उनके परिवार को वीज़ा जारी करेगा.
ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़
इनासियो लूला डा सिल्वा ने बोल्सोनारो के देश छोड़ने को 'शर्मनाक' बताया है.
ब्राज़ील की पुलिस का कहना है कि
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद दस्तावेज़ जमा नहीं करने पर बोल्सोनारो के
पासपोर्ट रद्द कर दिए गए थे.
लूला ने कहा कि जब उनसे अपना
पासपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया था, तो
उन्होंने ऐसा किया था. भ्रष्टाचार के आरोपों के ख़िलाफ़ उनकी अपील ख़ारिज होने के
बाद अदालत ने उनसे पासपोर्ट जमा करने को कहा था.
साल 2018 में रिश्वतखोरी से जुड़े मामले को लेकर भी उन्हें क़ानूनी लड़ाई का
सामना करना पड़ा था.
लूला ने कहा कि बोल्सोनारो को भी ऐसा
ही करना चाहिए था. उन्होंने कहा, "ब्राज़ील
उनका दूसरा वतन है, उनका पहला वतन अमेरिका की चापलूसी
करना है."
इसी भाषण में लूला ने यह भी कहा,
"जिनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है,
उन्हें डरने की भी कोई ज़रूरत नहीं है."
बोल्सोनारो कथित भ्रष्टाचार और मनी
लॉन्ड्रिंग के मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है.
दक्षिणपंथी उम्मीदवार बोल्सोनारो को
वामपंथी नेता लूला के हाथों चुनाव में हार का सामना करना पड़ा.
इसराइल में रिकॉर्ड मतदान के बीच एग्ज़िट पोल में क्या है नेतन्याहू की पार्टी का हाल
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इमेज कैप्शन, इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू की पार्टी कुछ एग्ज़िट पोल्स में पिछड़ती दिख रही है
इसराइल के आम चुनावों के लिए मंगलवार को मतदान समाप्त होने तक 77.7% मतदान हुआ है.
केंद्रीय चुनाव आयोग के अनुसार, 1999 के बाद से इस समय तक दर्ज किया गया यह सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है.
दो एग्ज़िट पोल में गादी आइज़ेनकोट का गठबंधन बिन्यामिन नेतन्याहू के खेमे को कड़ी टक्कर देता दिख रहा है.
तीसरे एग्ज़िट पोल में प्रधानमंत्री नेतन्याहू का खेमा मामूली बढ़त बनाए हुए है. हालांकि, दोनों में से कोई भी बहुमत के आंकड़े तक पहुंचता नहीं दिख रहा है.
आइज़ेनकोट नई नवेली याशर पार्टी का नेतृत्व करते हैं और उन्हें 'बदलाव गठबंधन' का प्रमुख चेहरा माना जाता है.
यह विपक्षी दलों का समूह है, जिसका साझा लक्ष्य नेतन्याहू को सत्ता से हटाना है.
एग्ज़िट पोल के मुताबिक़, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी इसराइली संसद में सबसे बड़ी एकल पार्टी बन सकती है.
इसराइल की संसद नेसेट की सभी 120
सीटों पर चुनाव हो रहा है. हालांकि, देश में किसी भी पार्टी ने कभी अपने दम पर बहुमत
हासिल नहीं किया है. अतीत में सरकारें गठबंधन बनाकर ही सत्ता में आई हैं.
इसराइल के एक प्रमुख राजनीतिक
टिप्पणीकार ने कहा है कि एग्जिट पोल में नेतन्याहू की पार्टी का सबसे बड़ी पार्टी
बनकर उभरना उनके लिए 'बेमानी सांत्वना पुरस्कार' जैसा है.
इसकी तुलना में गादी आइज़ेनकोट के
गठबंधन के सबसे बड़े समूह के रूप में उभरने का अनुमान अधिक अहम है.
'द इकोनॉमिस्ट' के इसराइल संवाददाता एंशेल फ़ेफ़र ने बीबीसी न्यूज़ से कहा,
"वह पहले भी अविश्वसनीय वापसी कर चुके
हैं, लेकिन नेतन्याहू के गठबंधन के लिए यह
बेहद, बेहद ख़राब रात है."
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