लाइव, अभिजीत दीपके ने एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही मीडिया से क्या कहा
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एअरपोर्ट पर उतरते ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की.
अभिजीत दीपके ने एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही मीडिया से क्या कहा
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इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके ने बताया है कि दिल्ली पुलिस से जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की मंज़ूरी मिल गई
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एअरपोर्ट पर उतरते ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की.
अभिजीत दीपके ने एअरपोर्ट से बाहर आते ही मीडिया से कहा, "शिक्षा मंत्री को इस्तीफ़ा देना चाहिए. पांच स्टूडेंट्स ने आत्महत्या कर ली है."
दरअसल, दीपके ने उन छात्रों का ज़िक्र किया है, जिन्होंने कथित तौर पर नीट पेपर लीक होने पर आत्महत्या की है.
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर बताया है कि उन्हें दिल्ली पुलिस से जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की मंज़ूरी मिल गई है.
कॉकरोच जनता पार्टीः अभिजीत दीपके ने बताया इतने बजे शुरू होगा प्रदर्शन
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इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके ने समर्थकों से सीधे जंतर मंतर आने की अपील की (फ़ाइल फ़ोटो)
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने बताया है कि उसे प्रदर्शन करने की अनुमति मिल गई है.
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों से सीधे जंतर मंतर आने की अपील की है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि 10 बजे शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू होगी.
सीजेपी ने एक्स पर लिखा, “दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दे दी है. अब हम सीधे जंतर मंतर पर इकट्ठा हो सकते हैं."
आगे लिखा, "कॉकरोच आ रहे हैं, धर्मेन्द्र प्रधान जा रहे हैं."
सोनम वांगचुक ने सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर ये आशंका ज़ाहिर की
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इमेज कैप्शन, लद्दाख़ के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक भी सीजेपी से जुड़े हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
लद्दाख़ के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने कहा है कि एयरपोर्ट पर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके की गिरफ़्तारी हो सकती है.
सोनम वांगचुक ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "अच्छी उम्मीद रखो, लेकिन बुरी स्थिति के लिए तैयार रहो. आइए इस आंदोलन को भारत के इतिहास का सबसे शांतिपूर्ण आंदोलन बनाएं."
उन्होंने आगे लिखा, "ध्यान रखें कि कोई शरारती तत्व गड़बड़ी न करे. कल दिल्ली में मिलते हैं."
इस बीच, अभिजीत दीपके ने कुछ मिनट पहले ही बताया है कि वो लैंड कर गए हैं, उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील की है.
दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
कॉकरोच जनता पार्टीः दिल्ली पहुंचते ही अभिजीत दीपके ने समर्थकों से की ये अपील
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इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके ने कहा है कि आंदोलन को प्रेम और शांति से आगे बढ़ाना है
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया है कि वो दिल्ली में लैंड कर गए हैं. उन्होंने सीजेपी के समर्थकों से कहा है कि 'आंदोलन को प्रेम और शांति से आगे बढ़ाना है.'
अभिजीत दीपके ने एक्स पर लिखा, “लैंड कर चुका हूं. जल्द ही आप सब से जंतर मंतर पर मिलने का इंतज़ार है. किताब और हमारा तिरंगा साथ लाना मत भूलना."
उन्होंने आगे लिखा, "पुलिसकर्मियों को फूल दें, यह करुणा और आभार का प्रतीक होगा. हमें इस आंदोलन को प्यार और शांति के साथ आगे बढ़ाना है."
गौरतलब है कि दीपके की लैंडिंग से पहले ही दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
सीजेपी ने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर जंतर मंतर पहुंचने के लिए रवाना हुए लोगों के वीडियो भी साझा किए हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की लैंडिंग से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर ऐसा माहौल
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इमेज कैप्शन, इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारी पुलिस बल तैनात है
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार सुबह अमेरिका से भारत पहुंच रहे हैं और उनकी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना है. इससे पहले इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारी सुरक्षा तैनात की गई है.
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इमेज कैप्शन, सीजेपी ने एक्स हैंडल 'कॉकरोच इज़ बैक' पर एक पोस्ट में जानकारी दी कि 6 जून को सुबह 9 बजे जंतर मंतर पर प्रदर्शन की योजना है
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इमेज कैप्शन, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "अभिजीत दीपके सुबह 8 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेंगे. वहां से वो अन्य कार्यकर्ताओं के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे."
अमेरिकी जज ने ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन नीति रद्द की, इससे 39 देश हुए थे प्रभावित
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी जज ने कहा कि ये नीतियां बिना कानूनी अधिकार के बनाई गईं और प्रवासी विरोधी सोच से प्रभावित थीं (फ़ाइल फ़ोटो: डोनाल्ड ट्रंप)
अमेरिका में एक फ़ेडरल जज ने शुक्रवार को ट्रंप प्रशासन की उस इमिग्रेशन नीति को रद्द कर दिया, जिसके कारण 39 देशों के प्रवासियों के लिए अमेरिका में रहने और प्रवेश पाने की प्रक्रिया कठिन हो गई थी.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, अमेरिका में रोड आइलैंड की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जॉन मैककोनेल जूनियर ने कहा कि इन नियमों से अफ़्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका और मिडिल ईस्ट के देशों के लोग कानूनी अनिश्चितता में फंसे हुए थे.
जज ने कहा, "प्रवासी लोग कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे थे, लेकिन महीनों तक उनके आवेदन अटके रहे क्योंकि यूएससीआईएस (यूएस सिटिज़नशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज़) ने उन्हें आगे नहीं बढ़ाया. जबकि ये नीतियां बिना कानूनी अधिकार के बनाई गईं और प्रवासी विरोधी सोच से प्रभावित थीं."
दरअसल, यूएससीआईएस ने ये नीतियां उस समय बनाई थीं जब वॉशिंगटन डीसी में दो नेशनल गार्ड सैनिकों पर गोली चलाई गई थी. अभियोजकों का कहना है कि यह हमला एक अफ़ग़ान प्रवासी ने किया था.
इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था, "थर्ड वर्ल्ड के सभी देशों से प्रवास को स्थायी रूप से रोक दिया जाएगा ताकि अमेरिकी सिस्टम पूरी तरह ठीक हो सके."
इसके बाद उन्होंने यात्रा प्रतिबंध वाले देशों की संख्या बढ़ाकर 39 कर दी. पूरी तरह प्रतिबंध वाले देशों में अफ़ग़ानिस्तान, ईरान, हैती, सोमालिया, वेनेज़ुएला और सीरिया शामिल थे.
भारत का नाम सूची में नहीं था, इसलिए भारत के लिए चिंता करने की कोई बात नहीं है.
अमेरिकी सेना- ईरान के चार ड्रोन गिराए और रडार ठिकानों पर किए हमले
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इमेज कैप्शन, ईरान ने इस घटना पर अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है (सांकेतिक तस्वीर)
अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने ईरान के चार ड्रोन को मार गिराया है, जो होर्मुज स्ट्रेट की ओर भेजे गए थे. यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने यह जानकारी शनिवार तड़के दी.
सेंटकॉम ने एक्स पर लिखा, “कुछ समय पहले अमेरिकी बलों ने ईरान के चार वन-वे अटैक ड्रोन गिराए, जो होर्मुज़ स्ट्रेट की तरफ भेजे गए थे. ये ड्रोन इलाके के समुद्री यातायात के लिए ख़तरा थे.”
आगे बताया गया, “अमेरिकी बलों ने आगे के हमलों से बचने के लिए गोरुक और क़ेशम द्वीप पर बने ईरान के रडार ठिकानों पर हमला किया.”
ईरान ने इस घटना पर अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है.
इससे पहले कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए.
हालांकि, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एयरपोर्ट पर हुए हमले की ज़िम्मेदारी से इनकार किया और कहा कि नुक़सान अमेरिकी मिसाइल इंटरसेप्टर की ग़लती से हुआ.
दूसरी ओर, सेंटकॉम ने इस दावे को ग़लत बताया और कहा कि ईरान ने एयरपोर्ट पर 'जानबूझकर बिना वजह का हमला' किया.
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच युद्ध ख़त्म करने को लेकर अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है.
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