लाइव, जंतर-मंतर 'बंद' किया जा रहा है? दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर क्या बताया

सोशल मीडिया पर ऐसे दावे किये जा रहे हैं कि जंतर मंतर को प्रदर्शन के लिए बंद किया जा रहा है. इस पर दिल्ली पुलिस ने बयान जारी किया है.

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  • पीएम मोदी
  • पेपर लीक से जुड़े बिल पर क्या बोले अभिजीत दीपके

लाइव कवरेज

दीपक मंडल, चंदन कुमार जजवाड़े

  1. जंतर-मंतर 'बंद' किया जा रहा है? दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर क्या बताया

    जंतर-मंतर

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    इमेज कैप्शन, बुधवार को जंतर-मंतर पर कई बैरिकेड्स को एक साथ वेल्ड करते देखा गया

    सोशल मीडिया पर ऐसे दावे किये जा रहे हैं कि जंतर मंतर को प्रदर्शन के लिए बंद किया जा रहा है. इस पर दिल्ली पुलिस ने बयान जारी किया है.

    दिल्ली पुलिस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन के लिए ताला लगा दिया गया है या उसे बंद कर दिया गया है. ये दावे पूरी तरह ग़लत, भ्रामक और तथ्यहीन हैं."

    दिल्ली पुलिस के मुताबिक़, "जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण और क़ानून के तहत अनुमति लेकर प्रदर्शन किए जा सकते हैं."

    दिल्ली पुलिस ने आगे लिखा, "माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश और उसके पालन के तहत पुलिस की ओर से जारी एसओपी के मुताबिक़, जंतर मंतर पर एक समय में अधिकतम एक हज़ार लोगों को प्रदर्शन की अनुमति दी जा सकती है."

    पुलिस ने बताया है कि प्रदर्शन का आयोजन करने वालों को ऐसी अनुमति संबंधित अधिकारियों से लेनी होती है और इसके लिए तय नियमों और शर्तों का पालन करना ज़रूरी होता है,

    दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और न ही उसे शेयर करें.

    29 जुलाई यानी बुधवार के दिन जंतर मंतर पर पुलिस की ओर से रखे गए कई बैरिकेड को एक साथ वेल्डिंग के ज़रिए जोड़ते हुए देखा गया. इससे पहले जंतर-मंतर पर हज़ारों स्टूडेंट्स ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया था.

    इन प्रदर्शनों के दौरान 20 जुलाई को संसद मार्च की अपील के बाद दिल्ली पुलिस ने लाठी चार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और इस हिंसा में कई स्टूडेंट्स गंभीर रूप से घायल भी हुए.

    बाद में प्रदर्शनकारियों और पुलिस और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़प हुए जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे.

  2. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'गृह मंत्री दिखाई नहीं दे रहे, प्रधानमंत्री बोल नहीं रहे'

    खड़गे

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    इमेज कैप्शन, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि सरकार का विधेयक पेपर लीक नहीं, प्रदर्शनकारियों को रोकने लिए आया है

    राज्यसभा में पेपर लीक विरोधी विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "हमारे गृह मंत्री अमित शाह दिखाई नहीं दे रहे हैं. वह छोटे-छोटे मुद्दों पर बोलते हैं, हर जगह जाते हैं, लेकिन यहां नहीं आ रहे हैं."

    उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री भी इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहे हैं. आप गृह मंत्री हैं, कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी आपके पास है. दिल्ली में इतना कुछ हुआ, लेकिन आपने एक शब्द तक नहीं कहा. आपको खुलकर बोलना चाहिए था. कभी-कभी देश के हित में अपमान भी सहना पड़ता है."

    पेपर लीक विरोधी विधेयक पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ़ अनफ़ेयर मीन्स) एक्ट युवाओं की समस्या का समाधान करने के लिए नहीं, बल्कि सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं को शांत करने के लिए लाया गया है."

    मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "पेपर लीक की वजह से बहुत से निर्दोष लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी. इस नए विधेयक से कुछ नहीं होने वाला, क्योंकि पुराने कानून में सिर्फ कुछ आंकड़े बदले गए हैं. इसमें भारी जुर्माना, सख़्त सज़ा, विशेष कार्यबल और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे प्रावधान किए गए हैं."

    उन्होंने कहा, “इससे कोई बदलाव नहीं आएगा. असली बदलाव तभी होगा जब परीक्षाएं कराने का तरीका बदलेगा. इस विधेयक में कुछ भी नया नहीं है. हमने 2024 में ही सख़्त कानून की मांग की थी, लेकिन हमारी मांग को खारिज कर दिया गया था."

  3. पेपर लीक रोकने से जुड़ा विधेयक राज्य सभा में पेश, एनटीए पर क्या बोले जितेंद्र सिंह

    केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में पेपर लीक रोकने से जुड़ा विधेयक पेश किया

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    इमेज कैप्शन, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में पेपर लीक रोकने से जुड़ा विधेयक पेश किया

    राज्य सभा में परीक्षाओं से पेपर लीक को रोकने से जुड़ा विधेयक पेश कर दिया गया है.

    राज्यसभा में बिल पेश करते हुए राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, "एंटी-पेपर लीक बिल देश के छात्रों और युवाओं के कल्याण की रक्षा के लिए सरकार की सर्वोच्च प्रतिबद्धता को फिर से दोहराता है."

    जितेंद्र सिंह ने कहा, "...हमारे पास 4 मुख्य भर्ती एजेंसियां ​​हैं जो अलग-अलग सेक्टर के लिए परीक्षाएं आयोजित करती हैं, जैसे कि यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी), रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (आरआरबी) और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (आईबीपीएस)."

    उन्होंने कहा, "हायर एजुकेशन में दाखिले की परीक्षाओं के लिए अब हमारे पास नेशनल टेस्टिंग एजेंसी है. यह अजीब बात है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बनाने का विचार सबसे पहले 1992 में, यानी लगभग 33 साल पहले आया था. तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी..."

    "मुझे यकीन है कि वे (विपक्ष) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ करेंगे और उन्हें धन्यवाद देंगे कि यह अधूरा काम अब पूरा किया जा रहा है..."

    केंद्र सरकार ने पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ़ अनफ़ेयर मीन्स) एक्ट, 2024 में संशोधन के लिए पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ़ अनफ़ेयर मीन्स) अमेंडमेंट एक्ट, 2026 विधेयक तैयार किया है.

    इसका उद्देश्य पेपर लीक, संगठित नकल माफिया और परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करने के लिए कानून को और सख़्त बनाना है.

    2026 के संशोधन बिल में 3 साल से 5 साल तक की जेल और अधिकतम 10 लाख रुपये तक जुर्माने के साथ ही कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं.

  4. अभी तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता चंदन जजवाड़े रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

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  5. भारतीय महिला और पुरुष हॉकी टीम की जर्सी का रंग केसरिया करने पर उठे सवाल

    भारतीय महिला हॉकी टीम

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    भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें अगले महीने नीदरलैंड्स और बेल्जियम में होने वाले एफ़आईएच वर्ल्ड कप में अपनी पारंपरिक नीली जर्सी के बजाय केसरिया रंग की जर्सी में खेलती नजर आएंगीं.

    पूर्व कप्तान वीरेन रास्किन्हा ने इस बदलाव पर सवाल उठाए हैं, जबकि हॉकी इंडिया ने इसे तकनीकी जरूरत बताते हुए बचाव किया है.

    हॉकी इंडिया ने सोशल मीडिया पर नई जर्सी जारी करते हुए कहा कि इसके डिजाइन और रंग का मकसद 'एक कहानी कहना' और 'भारत का गौरव' दिखाना है.

    उसका कहना है कि जर्सी को खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से सलाह-मशविरा करने के बाद अंतिम रूप दिया गया है.

    हॉकी इंडिया के मुताबिक़, केसरिया रंग साहस, बलिदान और जीत का प्रतीक है.

    भारतीय पुरुष हॉकी टीम

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    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ रास्किन्हा ने इस बदलाव के पीछे की वजह पर सवाल उठाए थे.इसके बाद हॉकी इंडिया ने एक बयान में कहा कि यह पाया गया था कि नीले रंग की जर्सी अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अब मानक बन चुकी नीली सिंथेटिक पिच के साथ घुल-मिल जाती है.

    हॉकी इंडिया ने कहा, "इस वजह से खिलाड़ियों के लिए मैदान पर चीजों को साफ़ तौर पर देखना और पहचानना प्रभावित हो रहा था."

    इसी वजह से भारतीय टीम के लिए केसरिया जर्सी को अपनाने का फ़ैसला किया गया है.

  6. एसएफ़आई नेता आइशी घोष के ख़िलाफ़ गैर जमानती वारंट रद्द, क्या था मामला

    आइशी घोष के ख़िलाफ़ गैर जमानती वारंट रद्द हो गया है

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    इमेज कैप्शन, आइशी घोष के ख़िलाफ़ गैर जमानती वारंट रद्द हो गया है

    दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफ़आई) की नेता आइशी घोष के ख़िलाफ़ जारी गैर-जमानती वारंट रद्द कर दिया.

    यह वारंट साल 2021 में दिल्ली के बंग भवन के बाहर हुए एक प्रदर्शन से जुड़े मामले में जारी किया गया था.

    क़ानूनी ख़बरों और विश्लेषण की वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक़ पटियाला हाउस कोर्ट के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ( फ़र्स्ट क्लास) ने आज अदालत में आइशी घोष के व्यक्तिगत रूप से पेश होने के बाद गैर-जमानती वारंट रद्द कर दिया.

    हालांकि अदालत ने 1,000 रुपये के जुर्माने के साथ वारंट रद्द किया.

    गौरतलब है कि न्यायाधीश ने बुधवार को ही गैर-जमानती वारंट पर रोक लगा दी थी और आइशी घोष को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था.

    यह एफ़आईआर 2021 में बंग भवन के सामने आयोजित एक प्रदर्शन से जुड़ी है.

    आइशी घोष पर लोक सेवक के आदेश की अवहेलना करने (आईपीसी की धारा 188) और आपराधिक अतिक्रमण (आईपीसी की धारा 447) समेत कई आरोप लगाए गए हैं.

    इस मामले में उनके ख़िलाफ़ आरोपपत्र पहले ही दाखिल किया जा चुका है.

    यह घटनाक्रम उस आरोप के बाद हुआ है जिसमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने कहा था कि दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली स्थित पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय से आइशी घोष को गिरफ़्तार करने की कोशिश की थी.

    सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में सीपीएम के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास को बिना वर्दी वाली एक महिला पुलिस अधिकारी से बहस करते हुए देखा गया.

    हाल ही में आइशी घोष जंतर-मंतर पर एसएफ़आई के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में उभरी थीं.

    यह आंदोलन परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर हुआ था. 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ यह विरोध-प्रदर्शन खत्म हुआ था.

  7. बांकीपुर उपचुनाव में जारी है वोटिंग, प्रशांत किशोर ने लगाया ये आरोप

    पटना की बांकीपुर सीट पर वोटिंग के दौरान महिला मतदाता से उनका नाम पूछते मतदानकर्मी

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    पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट उपचुनाव में वोटिंग की रफ़्तार धीमी चल रही है. सुबह दस बजे तक यहां सिर्फ़ पांच फ़ीसदी ही मतदान हुआ था.

    ये सीट भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नबीन के इस्तीफ़ा देने से खाली हुई थी. इसलिए यहां उपचुनाव हो रहा है.

    बांकीपुर में बीजेपी के नीरज सिन्हा, राष्ट्रीय जनता दल की रेखा गुप्ता और जन सुराज पार्टी के फाउंडर प्रशांत किशोर के बीच मुक़ाबला है.

    प्रशांत किशोर के इस सीट से चुनाव मैदान में उतरने की वजह से ये सीट काफी चर्चित हो गई है. बांकीपुर में 25 उम्मीदवार हैं.

    2025 के चुनाव में बांकीपुर में सिर्फ़ 42 फ़ीसदी मतदान हुआ था.

    बुधवार की रात को जनसुराज पार्टी ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उसके 20 कार्यकर्ताओं को उठा लिया है.

    इसे लेकर प्रशांत किशोर ने थाने पर पहुंचकर विरोध जताया था.

    उन्होंने कहा था कि बांकीपुर में लोगों को डराया जा रहा है. यहां प्रशासन बीजेपी उम्मीदवार की मदद कर रहा है.

  8. वैभव सूर्यवंशी को बड़ी ज़िम्मेदारी मिलने पर हर्षा भोगले ने क्यों जताई हैरानी?

    वैभव सूर्यवंशी

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    दलीप ट्रॉफ़ी 2026 के लिए वैभव सूर्यवंशी को ईस्ट ज़ोन का उप कप्तान बनाए जाने पर जाने-माने कमेंटेटर हर्षा भोगले ने हैरानी जताई है

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''मैं सोच रहा हूँ कि एक सीनियर रेड-बॉल टीम का उप-कप्तान सूर्यवंशी को बनाने के पीछे सोच क्या है. उन्होंने 12 पारियों में 207 रन बनाए हैं, यानी उनका औसत 17.25 है. उनकी प्रतिभा असाधारण है, लेकिन रेड-बॉल क्रिकेट में सीखने का एक लंबा दौर होता है और वह फिलहाल उसकी बिल्कुल शुरुआती सीढ़ी पर हैं.''

    दलीप ट्रॉफ़ी 2026 के लिए ईस्ट ज़ोन की 15 सदस्यों की टीम का एलान कर दिया गया है.

    टीम की कप्तानी ईशान किशन को सौंपी गई है, जबकि युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को उपकप्तान बनाया गया है.

    वैभव सूर्यवंशी की हाल ही में भारत के इंग्लैंड दौरे पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एंट्री हुई थी.

    इसके बाद उन्होंने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ में भी हिस्सा लिया, जहां शानदार प्रदर्शन करने पर उन्हें 'प्लेयर ऑफ़ द सिरीज़' चुना गया था.

    ईस्ट ज़ोन की टीम में अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, अभिमन्यु ईश्वरन, मुकेश कुमार, शाहबाज़ अहमद और कुमार कुशाग्र जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं.

  9. मध्य प्रदेश में किसानों का आंदोलन ख़त्म, सरकार से किन बातों पर समझौता, शुरैह नियाज़ी भोपाल से, बीबीसी हिन्दी के लिए

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आंदोलन के लिए जुटे किसान

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    इमेज कैप्शन, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आंदोलन के लिए जुटे किसान

    करीब तीन दिन तक चले गतिरोध के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों का आंदोलन ख़त्म हो गया है.

    प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने मूंग की 60 फ़ीसदी तक खरीद की घोषणा की है.

    इसके साथ ही सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अवधि 10 अगस्त तक बढ़ा दी है, जबकि मूंग खरीद की अंतिम तारीख 20 अगस्त कर दी गई है.

    इसके अलावा, खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल स्थगित कर दी गई है.

    भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने बताया कि सरकार ने किसानों की कुछ प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं.

    हालांकि, कुछ किसान नेता इस फैसले से पूरी तरह सहमत नजर नहीं आ रहे थे.

    उनका कहना था कि उनसे लगातार बातचीत की जा रही है, ताकि सभी की सहमति से आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त किया जा सके.

    शुरुआत में किसानों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने की कोशिश भी की.

    बाद में बातचीत आगे बढ़ने के साथ स्थिति बदली और सहमति बनने लगी थी.

    जंतर-मंतर पर आंदोलन का नेतृत्व कर चुके कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किसानों के पक्ष में खुलकर समर्थन का ऐलान किया था.

  10. अमेरिकी सेना का दावा- 'जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमले का कड़ा जवाब दिया जा रहा है'

    होर्मुज़ स्ट्रेट

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका ने कहा है होर्मुज़ स्ट्रेट पर ईरान के हमले का जवाब दिया जा रहा है

    अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों पर ईरान की ओर से किए गए अचानक हमले के जवाब में ईरान पर हमले शुरू कर दिए हैं.

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा कि ये हमले मंगलवार को जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिकी जहाज़ों को निशाना बनाकर ईरान की ओर से की गई गोलीबारी का "करारा जवाब" हैं.

    ताज़ा हमले ऐसे समय हुए हैं, जब एक दिन पहले ही संघर्ष का दायरा बढ़ गया था.

    अमेरिका और सऊदी अरब ने सार्वजनिक तौर पर संयुक्त सैन्य हमले किए थे, जिनमें इराक में ईरान समर्थित गुटों को निशाना बनाया गया था.

    फरवरी में जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर सैन्य हमले शुरू किए थे, तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि युद्ध कुछ ही हफ़्तों में ख़त्म हो जाएगा.

    लेकिन अब इस संघर्ष को पांच महीने हो चुके हैं और इसके जल्द ख़त्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं.

    बुधवार को एक्सियोस ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि ट्रंप ने सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान से मुलाकात की.

    अधिकारी के मुताबिक़, खालिद बिन सलमान ने कहा कि सऊदी अरब तनाव कम करना चाहता है. बीबीसी ने इस बारे में व्हाइट हाउस से प्रतिक्रिया मांगी है.

    हालांकि कुछ समय तक शांति रहने के बाद संघर्ष एक बार फिर तेज़ हो गया है.

  11. सीजेपी की प्रवक्ता रत्ना सिंह का दावा, ‘धमकी और गालियों से भरे मैसेज आ रहे हैं’

    रत्ना सिंह

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    कॉकरोच जनता पार्टी की प्रवक्ता रत्ना सिंह ने दावा किया है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनके इनबॉक्स में गाली-गलौज से भरे मैसेज आ रहे हैं.

    रत्ना सिंह ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ''मेरे डीएम (डायरेक्ट मैसेज) मौत की धमकियों, गाली-गलौज भरे संदेशों और नफ़रत से भरे ट्वीट्स और कमेंट्स की अंतहीन बाढ़ से भरे हुए हैं. लेकिन अब इनमें से कोई भी चीज़ मुझे परेशान नहीं करती. कोई भी आलोचना या फैसला उस काम से बड़ा नहीं हो सकता, जो हमने किया है. कोई भी समझदार व्यक्ति ऐसी बातें नहीं कहता, जिन्हें वह खुद अपने लिए सुनना पसंद न करे.''

    ''इस आंदोलन ने मुझे मानसिक रूप से मज़बूत बनाया है. इसने मुझे सिखाया है कि अराजकता के बीच भी कैसे अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखना है, नफ़रत को नज़रअंदाज़ करना है और लोगों की ओर से मिलने वाली सबसे बुरी प्रतिक्रिया के बावजूद आगे बढ़ते रहना है.''

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से ज़्यादा समय तक परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के मद्देनज़र प्रदर्शन किया था और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की थी, जिसके बाद 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

    लेकिन उसके बाद सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो शेयर किए गए जिनमें दावा किया गया कि पुलिस, प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे विद्यार्थियों को परेशान कर रही है और उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है.

    हालांकि बीबीसी स्वतंत्र रूप से ऐसे किसी वीडियो की पुष्टि नहीं करता.

  12. कोविड के दौरान अमेरिका के चीफ़ मेडिकल एडवाइजर रहे फाउची ने संसद में सवालों पर साधी चुप्पी

    एंथी फाउची

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    कोविड महामारी के दौरान अमेरिका के चीफ़ मेडिकल एडवाइजर रहे एंथनी फाउची ने अमेरिकी सीनेट की एक सुनवाई में सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया.

    उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि रिपब्लिकन उनके बयान का इस्तेमाल उनके ख़िलाफ़ झूठी गवाही देने के आरोप में मुक़दमा चलाने के लिए कर सकते हैं.

    फाउची ने अमेरिकी संविधान के पांचवें संशोधन का 100 से अधिक बार हवाला दिया.

    इसमें कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को किसी आपराधिक मामले में अपने ख़िलाफ़ गवाही देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता.

    फाउची ने कहा कि वह कोविड और उसके स्रोत को लेकर पहले ही कांग्रेस की कई सुनवाइयों में गवाही दे चुके हैं.

    रिपब्लिकन लंबे समय से फाउची पर आरोप लगाते रहे हैं कि उन्होंने महामारी से जुड़ी जानकारी जनता से छिपाई और इसके ख़तरों के बारे में झूठ बोला.

    फाउची ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है.

    अमेरिकी संविधान के पांचवें संशोधन का इस्तेमाल करना अपराध स्वीकार करना नहीं है.

    हालांकि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने फाउची को पहले ही माफ़ी दे दी थी, जिससे 2014 से 2025 के बीच उनके किए गए कामों के लिए उन्हें संघीय स्तर पर मुक़दमे से सुरक्षा मिल गई.

    लेकिन इसके बाद की किसी कार्रवाई को लेकर उन पर आरोप लगाए जा सकते हैं.

  13. पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में पुलिस चौकी पर 'चरमपंथी' हमला,डीएसपी समेत नौ पुलिसकर्मियों की मौत

    पाकिस्तान

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान की सेना का कहना है कि उसने चरमपंथियों और उनके मददगारों के ख़िलाफ़ अभियान चलाए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में हांगू के खजीना चेक पोस्ट पर हुए हमले और जवाबी हमले में एक डीएसपी सहित नौ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़ इस मुठभेड़ में पुलिस ने 15 चरमपंथियों को मारने का दावा किया है.

    ख़ैबर पख्तूनख़्वा पुलिस के बयान के मुताबिक़ बुधवार को हुए हमले और उसके जवाब में चलाए गए अभियान में डीएसपी दियार खान समेत नौ पुलिसकर्मी मारे गए हो गए और डीएसपी मुजाहिद हुसैन सहित 28 पुलिसकर्मी घायल भी हो गए.

    बयान में कहा गया है कि चरमपंथियों ने हांगू में खाजिना बंदा चौकी पर भारी हथियारों से हमला किया. इससे पहले पाकिस्तान की सेना के जनसंपर्क विभाग (आईएसपीआर) ने बुधवार को दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में सुरक्षा बलों ने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा और बलूचिस्तान में चलाए गए संयुक्त अभियानों के दौरान '32 आतंकवादियों को मारा' है.

    आईएसपीआर के मुताबिक़, ये अभियान चरमपंथियों और उनके मददगारों के ख़िलाफ़ चलाए गए थे.

  14. फ़्रांस और स्पेन के बाद अब ग्रीस के जंगल भी धधके, दो दमकलकर्मियों की मौत

    ग्रीस के जंगलों में लगी आग

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    इमेज कैप्शन, ये आग दक्षिणी यूरोप में गर्मियों के दौरान जंगलों में आग लगने की यह एक और बड़ी घटना है

    ग्रीस के क्रीट द्वीप के रेथिम्नो इलाके में लगी जंगल की आग से जूझते हुए दो दमकलकर्मियों की मौत हो गई. दोनों आग में फंस गए थे.

    तेज़ रफ़्तार हवाओं ने आग की लपटों को और भड़का दिया, जिसके बाद कई गांवों को खाली कराया गया.

    दक्षिणी यूरोप में गर्मियों के दौरान जंगलों में आग लगने की यह एक और बड़ी घटना है.

    दक्षिणी तुर्की में भी मुग़ला प्रांत में लगी आग के कारण फेथिये से अंताल्या जाने वाले मुख्य हाईवे को बंद करना पड़ा. एक अस्पताल के कुछ हिस्सों को भी खाली कराया गया.

    इस बीच, स्पेन और फ्रांस में इस गर्मी की चौथी हीटवेव शुरू हो गई है. दमकलकर्मियों का दल उन बड़े जंगलों की आग को दोबारा भड़कने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें हाल ही में काबू में किया गया था.

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि क्रीट में कई जगह आग लगी और यह तेज़ी से फैलती गई.

    सबसे बड़ा आग वाला क्षेत्र करीब 15 किलोमीटर तक फैल गया था.

    दमकल विभाग ने कहा कि जान गंवाने वाले दोनों कर्मचारी रेथिम्नो शहर के पास पश्चिमी इलाके में काम कर रहे थे.

    जंगल में आग

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    इमेज कैप्शन, यह महिला जंगल की आग से तबाह हुए अपने शहर नवास डेल रे में पहली बार वापस लौटी है

    ग्रीस के दूसरे हिस्सों में भी जंगल की आग लगी है. एजियन सागर के पारोस और लेसबोस द्वीपों के अलावा ग्रीस के मुख्य भूभाग के दक्षिणी शहर ट्रिफिलिया में भी आग लगी है.

    स्पेन में प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ ने राजधानी मैड्रिड के पास लगी जंगल की आग को बुझाने के लिए अगले 12 घंटे को 'निर्णायक' बताया है.

    स्पेन के एविला प्रांत के बुर्गोहोंडो इलाके में अब तक 43,000 हेक्टेयर से अधिक जमीन जल चुकी है. यह इलाका मैड्रिड से करीब 150 किलोमीटर पश्चिम में है.

    इसे अब स्पेन के इतिहास में दर्ज सबसे बड़ी जंगल की आग माना जा रहा है.

    इस साल स्पेन में अब तक जंगल की आग से कुल 2.07 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन जल चुकी है.

  15. ईरान के जॉर्डन पर हमले के बाद पर ट्रंप ने दी बेहद आक्रामक भाषा में चेतावनी

    डोनाल्ड ट्रंप

    इमेज स्रोत, GE

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार सुबह ईरान के ख़िलाफ़ बेहद आक्रामक और गाली-गलौज से भरी भाषा में धमकी दी. इससे पहले ईरान ने रात में अचानक जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर मिसाइल हमला किया था.

    ट्रंप ने फ़ॉक्स न्यूज़ के प्रमुख संवाददाता ट्रे यिंग्स्ट से कहास कि 'हम उन्हें उनकी औकात दिखा देंगे.'

    ट्रंप ने कहा, "हम उन पर बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे. उन्हें करारा जवाब मिलेगा."

    ट्रंप ने कहा कि जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैनिकों के पास ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और मार गिराने के लिए सिर्फ़ कुछ मिनट थे.

    उन्होंने बताया कि उन्होंने उस वीडियो को देखा है, जिसमें अमेरिकी सैन्यकर्मी मिसाइलों को रोकने की कार्रवाई के दौरान रियल टाइम में को-ऑर्डिनेशन कर रहे हैं.

    इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमान ने कहा कि ईरान की सभी मिसाइलों को कामयाबी के साथ रोक लिया गाय है.

    ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर ने बताया कि कि उसने जॉर्डन स्थित मुवाफ़्फ़क़ अल-सलती एयर बेस और अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड के मुख्यालय को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं.

    आईआरजीसी ने यह जानकारी ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के ज़रिए दी.

    जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने ईरान की पांच मिसाइलों को रोककर ख़त्म कर दिया.

    तत्काल किसी के हताहत होने या नुक़सान की कोई खबर नहीं है.

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