लाइव, दक्षिणी लेबनान पर इसराइल के हमले जारी, 29 लोगों के मारे जाने का दावा
ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ इसराइल लेबनान पर लगातार हमले कर रहा है जबकि एक दिन पहले ही इसराइल और ईरान ने कहा था कि वे एक-दूसरे पर हमले रोकेंगे.
दक्षिणी लेबनान पर इसराइल के हमले जारी, 29 लोगों के मारे जाने का दावा, एलियट बुरिन, लाइव रिपोर्टर
इमेज स्रोत, KAWANT HAJU / AFP via Getty Images
इमेज कैप्शन, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया कि इसराइल के ताज़ा हमलों में 29 लोग मारे गए
ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ इसराइल लेबनान पर लगातार हमले कर रहा है जबकि एक दिन पहले ही इसराइल और ईरान ने कहा था कि वे एक-दूसरे पर हमले रोकेंगे.
इसराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के शहर टायर पर हमला किया. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि आज देश में 29 लोग मारे गए हैं.
हिज़्बुल्लाह ने दावा किया है कि उसने सोमवार रात आगे बढ़ रही इसराइली सेना पर रॉकेट दागे. मार्च से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक लेबनान में कुल 3,666 लोग मारे जा चुके हैं.
इसी बीच, ईरानी मीडिया ने बताया कि सोमवार को इसराइल के हमले में ईरानी एयरफ़ोर्स के दो जवान मारे गए.
वहीं, दूसरी ओर अमेरिकी सेना यह जांच कर रही है कि उसका एक अपाचे हेलीकॉप्टर होर्मुज़ स्ट्रेट के पास कैसे गिरा. हेलीकॉप्टर में सवार क्रू मेंबर्स को बचा लिया गया था.
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने ईरान-इसराइल के बीच सैन्य संघर्ष पर ये कहा
इमेज स्रोत, LUDOVIC MARIN/AFP via Getty Images
इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (फ़ाइल फ़ोटो)
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान और इसराइल के बीच फिर से बढ़े तनाव को चिंताजनक बताया है.
एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि लेबनान, ईरान और ग़ज़ा में युद्धविराम का पूरा पालन होना चाहिए.
एंटोनियो गुटेरेस ने एक्स पर लिखा, "मध्य पूर्व में फिर से बढ़ी हिंसा से मैं बहुत चिंतित हूं. सभी हमले तुरंत बंद होने चाहिए. लेबनान, ईरान और ग़ज़ा में युद्धविराम का पूरा पालन होना चाहिए. ऐसे किसी भी क़दम से बचना चाहिए जो कूटनीतिक कोशिशों को नुक़सान पहुँचा सकता है."
उन्होंने लिखा, "मैं इसराइल के उस फ़ैसले के कारण भी चिंतित हूं, जिसमें ग़ज़ा के रास्ते बंद कर दिए गए हैं. सभी रास्ते तुरंत खोले जाएं ताकि ग़ज़ा में मानवीय मदद बिना रुकावट पहुँच सके."
"अंतरराष्ट्रीय क़ानून के अनुसार समुद्री रास्तों और आज़ादी का सम्मान होना चाहिए. सभी को अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत अपनी ज़िम्मेदारियाँ निभानी चाहिए और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव सावधानी बरतनी चाहिए."
गुटेरेस ने आगे लिखा, "मध्य पूर्व के संघर्षों का कोई सैन्य हल नहीं है. आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता बातचीत और समझौते हैं. मैं सभी पक्षों से अपील करता हूं कि वो कूटनीतिक हल की ओर काम करें, जिससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा मिले."
गौरतलब है कि ईरान और इसराइल के बीच रविवार को सैन्य झड़पें शुरू हो गई थीं, इस दौरान मध्य पूर्व के कुछ और देश भी प्रभावित हुए हैं.
आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की अंतिम यात्रा को लेकर ईरानी मीडिया ने दी ये जानकारी, ग़ोंचेह हबीबीज़ाद, बीबीसी फ़ारसी की वरिष्ठ संवादादाता
इमेज स्रोत, ATTA KENARE/AFP via Getty Images
इमेज कैप्शन, आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत 28 फ़रवरी को इसराइल और अमेरिका के हमले में हुई थी (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरानी मीडिया ने कहा है कि आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की अंतिम यात्रा इसी महीने यानी जून में हो सकती है. उन्होंने ये जानकारी आयोजकों के हवाले से दी है.
ईरानी मीडिया के मुताबिक़, आयोजकों ने कहा है कि अंतिम यात्रा इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने के 10वें दिन के बाद होगी, जो 25 या 26 जून को होने की उम्मीद है.
ईरानी मीडिया ने ये पहले ही बता दिया था कि अंतिम यात्रा तेहरान, क़ोम और फिर उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित मशहद में होगी. मशहद ख़ामेनेई का जन्म स्थान है और वहीं उनके शव को दफ़नाया जाएगा.
ख़ामेनेई का अंतिम संस्कार कई बार युद्ध की वजह से हो रही सुरक्षा चिंताओं के कारण टल चुका है.
गौरतलब है कि आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत 28 फ़रवरी को इसराइल और अमेरिका के हमले में हुई थी.
इसके बाद मार्च की शुरुआत में उनके बेटे मोजतबा ख़ामेनेई को उनकी जगह सुप्रीम लीडर बनाया गया था.
दिनभर वोडकास्ट: पुतिन के चीन दौरे के बाद जिनपिंग क्यों गए नॉर्थ कोरिया?
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले सिलेंडर घटने पर राहुल गांधी ने क्या कहा
इमेज स्रोत, Prakash Singh/Bloomberg via Getty Images
इमेज कैप्शन, उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या घटाने के बाद राहुल गांधी ने इसे 'लूट का मोदी मॉडल' बताया है
केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी पर मिलने वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या घटा दी है. इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आलोचना की है.
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने लाखों महिलाओं को लकड़ी के ज़हरीले धुएं की तरफ़ धकेल दिया है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "12 वर्षों की ग़रीब-विरोधी आर्थिक नीतियों और कंप्रोमाइज़्ड विदेश नीति ने आज देश को ऐसे हालात में ला खड़ा किया है जहां लाखों ग़रीब परिवारों और महिलाओं को लकड़ी के ज़हरीले धुएं की तरफ़ धकेल दिया गया है."
उन्होंने लिखा, "उज्ज्वला योजना में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या को 9 से घटाकर 4 कर दिया गया. उस पर पिछले 3 महीनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 89 रुपये बढ़ा दिए गए - मतलब, पहले दाम बढ़ाओ, फिर सब्सिडी घटाओ, ग़रीबों का चूल्हा बुझाओ."
"प्रवासी मज़दूरों की जीवनरेखा, 5 किलो का सिलेंडर भी 323 रुपये महंगा कर दिया - वो कमाएगा क्या, खाएगा क्या, और बचाएगा क्या? अरबपति मित्रों को लाखों करोड़ों की क़र्ज़माफ़ी दिलाना और ग़रीबों को अपनी नाकामियों का बिल थमाना - ये लूट का मोदी मॉडल है."
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर तंज़ कसते हुए लिखा, "मोदी जी, क्या आपकी नाकामियों का बोझ सिर्फ़ ग़रीब उठाएंगे? क्या आपकी बनाई इस चरमराती अर्थव्यवस्था की क़ीमत मज़दूर, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग ही चुकाएंगे?"
गौरतलब है कि एलपीजी सिलेंडरों की संख्या घटाने का फ़ैसला ऐसे समय आया है, जब मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल और गैस सप्लाई बाधित हुई है.
पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी के आवास और पार्टी कार्यालय पर पहुंची सीआईडी, ये है मामला
इमेज स्रोत, Samir Jana/Hindustan Times via Getty Images
इमेज कैप्शन, ममता बनर्जी अपने आवास पर नहीं हैं, वो दिल्ली में मौजूद हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
सीआईडी की एक टीम मंगलवार को कोलकाता के कालीघाट इलाक़े में तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के आवास पर पहुंची.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, यह कार्रवाई टीएमसी विधायकों के कथित फ़र्ज़ी हस्ताक्षरों के मामले की जांच के तहत की गई, जिसके कारण पार्टी में एक अलग गुट खड़ा हो गया है.
दरअसल, पार्टी के कुछ विधायकों ने स्पीकर को शिकायत की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता विपक्ष बनाने के प्रस्ताव पर अभिषेक बनर्जी के लेटरहेड पर फ़र्ज़ी साइन किए गए. विधायकों ने अभिषेक पर ही फ़र्ज़ी साइन कराने के आरोप लगाए.
सीआईडी के अधिकारियों का कहना है कि अभिषेक बनर्जी ने एजेंसी के नोटिस के जवाब में बताया था कि विधायकों के साइन 30बी हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित टीएमसी कार्यालय में जुटाए गए थे.
यह कार्यालय ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास परिसर में ही है. इसी जानकारी के आधार पर सीआईडी की जांच टीम यहां पहुंची है.
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा, "दीदी (ममता बनर्जी) इस समय दिल्ली में हैं. जो लोग जांच के लिए आए थे वो अंदर हैं, हमें नहीं पता कि क्या हो रहा है इसलिए इस पर कोई टिप्पणी नहीं है. लेकिन सबको पता है कि वह घर पर नहीं थीं. दीदी इस समय दिल्ली दौरे पर हैं. ऐसे समय में पूर्व मुख्यमंत्री के घर में सीआईडी का प्रवेश दुर्भाग्यपूर्ण है."
ममता बनर्जी के घर पर सीआईडी टीम पहुंचने पर पश्चिम बंगाल की मंत्री और बीजेपी की नेता अग्निमित्रा पॉल ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "यह साफ़ दिखाता है कि कोई भी संविधान से ऊपर नहीं है और कोई भी देश के क़ानून से ऊपर नहीं है. ममता बनर्जी ने पिछले पंद्रह सालों में अपराधियों, भ्रष्टाचार और न जाने क्या-क्या सहन किया. उन्होंने कभी संविधान की परवाह नहीं की. आज सीआईडी कार्रवाई कर रही है और इसमें शामिल सभी लोगों को सज़ा मिलेगी, जनता को न्याय मिलेगा."
अमेरिका ने ओमान तट के पास क्रैश हुए सैन्य हेलीकॉप्टर के बारे में दिया अपडेट
इमेज स्रोत, EPA-EFE/REX/Shutterstock
इमेज कैप्शन, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है (सांकेतिक तस्वीर)
अमेरिकी सेना का एक अपाचे हेलीकॉप्टर सोमवार को ओमान के तट के पास गिर गया. इसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इसकी जांच शुरू कर दी है.
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर बयान जारी कर बताया कि हादसे में शामिल दो क्रू सदस्य दो घंटे के भीतर सुरक्षित बचा लिए गए और दोनों की हालत स्थिर है.
बयान में कहा गया कि हादसे के बाद हेलीकॉप्टर समुद्र में डूब गया. यह घटना उस समय हुई जब क्रू गश्त पर था. हादसे की वजह की जांच की जा रही है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार रात पत्रकारों से कहा कि हादसे में शामिल क्रू मेंबर्स ठीक हैं.
पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में हो रहे प्रदर्शनों पर भारत ने क्या कहा?
इमेज स्रोत, Raj K Raj/Hindustan Times via Getty Images
इमेज कैप्शन, भारत ने पाकिस्तान पर झूठी ख़बरें और वीडियो फैलाने का आरोप लगाया (फ़ाइल फ़ोटो: रणधीर जायसवाल)
पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शनों और वहां की स्थिति को लेकर भारत ने प्रतिक्रिया दी है.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान पर फ़ेक न्यूज़ और भ्रामक वीडियो के ज़रिए अपनी नाकामियों को छिपाने का आरोप लगाया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और उससे जुड़ी ख़बरों को देखा है. इस संदर्भ में, हम लगातार देखते हैं कि पाकिस्तान से झूठी ख़बरें और वीडियो फैलाए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा, "यह पाकिस्तान की नाकामियों को छिपाने और उसके मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान हटाने की एक हताश कोशिश लगती है."
जायसवाल ने कहा, "जैसा कि आपने देखा होगा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से पुलिस की हिंसा की कई रिपोर्टें आई हैं. खबरों में बताया गया है कि कई लोग मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं."
साप्ताहिक प्रेस ब्रीफ़ में उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसकी ग़लतियों और अत्याचारों के लिए ज़िम्मेदार ठहराएगा."
कार्टून: ट्रंप से गुस्सा
इमेज कैप्शन, उज्ज्वला योजना में सब्सिडी वाले सिलेंडर कम किए जाने पर आज का कार्टून
पीएम मोदी और कुवैत के अमीर के बीच हुई बातचीत, जानें मध्य पूर्व के हालात पर क्या कहा
इमेज स्रोत, Indian Press Information Bureau/Anadolu via Getty Images
इमेज कैप्शन, दोनों देशों के नेताओं ने मध्य पूर्व के ताज़ा हालात पर बात की है (फ़ाइल फ़ोटो)
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुवैत के अमीर शेख़ मशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबाह से मंगलवार को टेलीफ़ोन पर बातचीत की.
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि दोनों देशों के नेताओं ने मध्य पूर्व के ताज़ा हालात पर बात की है.
पीएमओ के मुताबिक़, "प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई, साथ ही कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की."
बयान में आगे कहा गया, "प्रधानमंत्री ने जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए तनाव कम करने, बातचीत और कूटनीति की अपील दोहराई."
पीएमओ की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक़, "पीएम ने कहा कि कुवैत के अमीर ने वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और भलाई का ख़ास ध्यान रखा है, इसके लिए उन्होंने उनका शुक्रिया अदा किया."
गौरतलब है कि ईरान और इसराइल के बीच रविवार को सैन्य झड़पें शुरू हो गई थीं, इस दौरान मध्य पूर्व के कुछ और देश भी प्रभावित हुए हैं.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बोले- हमारे और इसराइल के साझा हित लेकिन कई दफ़ा...
इमेज स्रोत, Matt Rourke / POOL / AFP via Getty Images
इमेज कैप्शन, जेडी वेंस ने कहा कि "हमारा मक़सद ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देना है" (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि अमेरिका और इसराइल के कई साझा हित हैं, लेकिन कई दफ़ा ये अलग हो जाते हैं.
जेडी वेंस ने सोमवार को फ़ॉक्स न्यूज़ सेकहा, "इसराइल और अमेरिका के बहुत से साझा हित हैं. लेकिन कुछ हालात ऐसे भी हैं जहां हमारे हित अलग हो जाते हैं."
जेडी वेंस ने ईरान पर चर्चा करते हुए कहा कि अमेरिका की ईरान नीति का सबसे बड़ा मक़सद यह है कि उनको परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देना.
जेडी वेंस ने कहा, "पिछले डेढ़ साल में हमने ज़रूरी माहौल बनाया है. राष्ट्रपति का मानना है कि हम ईरान के परमाणु मुद्दे पर एक लंबे समय का समझौता कर सकते हैं. मेरा भी यही मानना है."
उन्होंने कहा, "इसराइल को भले यह पसंद आए या न आए, लेकिन हम मानते हैं कि यह अमेरिका के हित में है."
लेबनान पर नहीं रुक रहे हैं इसराइल के हमले, क्या ईरान और अमेरिका की बातचीत चल पाएगी?
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
असम: ग्वालपाड़ा ज़िले के स्कूलों में टिफ़िन में मांसाहारी भोजन लाने पर लगाई गई रोक, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिन्दी के लिए
इमेज स्रोत, Mohammad Asad/Pacific Press/LightRocket via Getty Images
इमेज कैप्शन, टिफ़िन में कथित तौर पर बीफ़ लेकर आने के बाद हुआ था विवाद (सांकेतिक तस्वीर)
असम के ग्वालपाड़ा ज़िले के सभी सरकारी स्कूलों में ज़िला प्रशासन ने टिफ़िन में मांसाहारी भोजन लाने पर रोक लगा दी है.
दरअसल, पिछले शुक्रवार को ज़िले के कृष्णाई पुलिस थाना क्षेत्र के सरकारी स्कूल में कथित तौर पर एक मुस्लिम छात्र अपने टिफ़िन में बीफ़ लेकर आया था. इस घटना के बाद विवाद हो गया.
कृष्णाई थाने के अधिकारी आनंद राभा ने मीडिया को बताया कि इस घटना को लेकर कुछ अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई है.
इन आरोपों में कहा गया है कि 5 जून को 9वीं कक्षा के पांच छात्रों ने दो हिंदू सहपाठियों को बीफ़ खिलाने की कोशिश की. इस मामले को लेकर एक मजिस्ट्रेट स्तर की जाँच भी की जा रही है.
इस घटना के सामने आने के बाद ज़िला उपायुक्त प्रदीप तिमुंग और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नबनीत महंता ने स्कूल का दौरा किया था. पुलिस ने घटना में शामिल छात्र को हिरासत में लिया है जबकि उनकी मां को गिरफ़्तार कर लिया है.
पुलिस के अनुसार मां और बेटे पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के साथ ही कई आरोप लगाए गए हैं.
इस दौरान एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पिछले हफ़्ते हुई इस घटना की ख़बर फैलने के बाद यह मामला काफ़ी बढ़ गया था.
ज़िला आयुक्त ने संबंधित पक्षों और कई संगठनों के लोगों से बात करने के बाद स्कूल इंस्पेक्टर को निर्देश दिया कि स्कूलों में टिफ़िन में मांस और मछली की अनुमति न दी जाए.
आदेश में कहा गया, "छात्र टिफ़िन में किसी भी तरह का मांसाहारी भोजन स्कूल नहीं लाएंगे. स्कूल परिसर में केवल शाकाहारी भोजन की अनुमति होगी. हालांकि, छात्र अपने टिफ़िन में अंडे ला सकते हैं और खा सकते हैं."
इस आदेश में यह भी कहा गया है कि लंच या ब्रेक के समय कोई भी छात्र स्कूल कैंपस से बाहर न जाए, अगर किसी भी स्कूल में इन निर्देशों का उल्लंघन होता है तो सख़्ती से कार्रवाई की जाएगी.
टीएमसी में टूट की अटकलों पर कांग्रेस की ओर से आई ये प्रतिक्रिया
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि टीएमसी के नेताओं को जनता के मैंडेट का सम्मान करना चाहिए (फ़ाइल फ़ोटो)
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की लोकसभा
सांसद काकोली घोष दस्तीदार के दावे के बाद पार्टी में टूट की अटकलों को हवा मिली
है.
सोमवार को दस्तीदार ने दावा किया कि
उनके साथ पार्टी के 20 सांसद हैं और उन्होंने लोकसभा स्पीकर से सदन में अलग बिठाने
की मांग की है.
इसके बाद मंगलवार को टीएमसी ने प्रेस
कॉन्फ़्रेंस कर दस्तीदार के दावे पर सवाल उठाए कि अब तक लोकसभा स्पीकर को लिखा ख़त
सार्वजनिक क्यों नहीं हुआ.
अब इस मामले में कांग्रेस की भी
प्रतिक्रिया आई है.
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एएनआई से कहा, "कल तक यही टीएमसी वाले घोटालेबाज़ थे,
धोखेबाज़ थे, कट मनी लेते थे. अब बीजेपी की वॉशिंग मशीन में गोता लगाएंगे और बीजेपी
जॉइन करने के बाद वाह-वाह हो जाएगी."
उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि चुने हुए सांसद और चुना हुआ कोई
भी प्रतिनिधि जनता के मैंडेट पर चुनकर आता है और जनता ने आपको बीजेपी के ख़िलाफ़
मैंडेट दिया था. आप उस मैंडेट का तो सम्मान कीजिए."
श्रीनेत ने कहा, "अगर आपको बीजेपी जॉइन करनी है,
उनका घटक दल बनना है या उनका समर्थन करना है तो
आप इस्तीफ़ा देकर दोबारा चुनाव लड़िए."
आयरलैंड और इंग्लैंड टी-20 मैचों से बाहर हुए मोहम्मद सिराज, इस खिलाड़ी ने किया रिप्लेस
इमेज स्रोत, Shubhajit Roy Karmakar/NurPhoto via Getty Images
इमेज कैप्शन, मोहम्मद सिराज को आराम करने की सलाह दी गई है (फ़ाइल फ़ोटो)
तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज को आयरलैंड और इंग्लैंड के ख़िलाफ़ होने वाली टी-20 सिरीज़ से हटा दिया गया है. अब उनकी जगह प्रसिद्ध कृष्णा को दोनों टी-20 सिरीज़ के लिए टीम में शामिल किया है.
दरअसल, बीसीसीआई की मेडिकल टीम और टीम मैनेजमेंट के बीच बातचीत के बाद सिराज को आराम करने की सलाह दी गई है.
यह फ़ैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है ताकि लंबे इंटरनेशनल सीज़न से पहले उन्हें पूरा आराम और रिकवरी मिल सके.
ईरान की चेतावनी के बावजूद इसराइल ने लेबनान के तायर शहर के लिए जारी किया यह आदेश
इमेज स्रोत, Ilia YEFIMOVICH / POOL / AFP via Getty Images
इमेज कैप्शन, बिन्यामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा था कि उनका देश फ़िलहाल ईरान पर हमला नहीं करेगा, हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी थी (फ़ाइल फ़ोटो)
इसराइली रक्षा बल (आईडीएफ़) ने
दक्षिणी लेबनान के शहर तायर के लिए तत्काल निकासी आदेश जारी किया है.
इसराइल ने यह क़दम ऐसे समय में उठाया
है जब एक दिन पहले ईरान ने कहा था कि वह इसराइल पर हमले रोक देगा, लेकिन साथ ही चेतावनी दी थी कि अगर इसराइली सेना
दक्षिणी लेबनान में हमले करती है तो उसकी प्रतिक्रिया "कड़ी" होगी.
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन
नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि उनका देश फ़िलहाल ईरान पर हमला नहीं करेगा, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि "अगर ईरान फिर
वही ग़लती करता है और हम पर हमला करता है, तो हम
ज़ोरदार जवाब देंगे."
रविवार को ईरान ने इसराइल पर
मिसाइलों की नई खेप दागी. अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद यह पहला ऐसा हमला था.
इसके जवाब में इसराइल ने कहा कि उसने पश्चिमी और मध्य ईरान में सैन्य ठिकानों को
निशाना बनाया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने
सोमवार को कहा कि इसराइल और ईरान को तुरंत "हमले बंद" करने चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि "शांति" के लिए अंतिम चरण की बातचीत आगे बढ़ रही
है.
एच-1बी वीज़ा को लेकर कोर्ट के फ़ैसले पर डोनाल्ड ट्रंप की आई प्रतिक्रिया
इमेज स्रोत, SAUL LOEB / AFP via Getty Images
इमेज कैप्शन, ट्रंप प्रशासन ने पिछले साल नए एच-1बी वीज़ा आवेदन पर एक लाख डॉलर की फ़ीस का प्रावधान लागू किया था
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने
एक फ़ेडरल जज की ओर से एच-1बी वीज़ा के लिए एक लाख डॉलर की फ़ीस को अवैध क़रार
देने के फ़ैसले पर प्रतिक्रिया दी है.
ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा,
"ये फ़ेडरल जज वास्तव में हमारे लिए
बहुत मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं. कोर्ट सिस्टम में जो कुछ हो रहा है, वह सचमुच हैरान करने वाला है."
उन्होंने कहा, "वे (फ़ेडरल जज) हमारे देश को बहुत गंभीर नुक़सान
पहुंचा रहे हैं."
डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल नए
एच-1बी वीज़ा आवेदन पर एक लाख डॉलर की फ़ीस का प्रावधान लागू किया था. फ़ेडरल जज
ने इसे ट्रंप प्रशासन की ओर से अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन बताया.
जज ने कहा, "ऐसी कोई वैधानिक शक्ति मौजूद नहीं है जो (ट्रंप
प्रशासन को) एच-1बी आवेदनों पर 1 लाख डॉलर का टैक्स लागू करने की अनुमति देती
हो."